CU Jammu: चीन से प्रतिस्पर्धा के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय शुरू करेगा डिजाइन कोर्स, पढ़ें यह खास साक्षात्कार
अमर उजाला से विशेष बातचीत में केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के कुलपति प्रो. संजीव जैन ने कहा कि बीटेक में साइबर सुरक्षा व एवियोनिक्स जैसे पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। यह पाठ्यक्रम डीआरडीओ तथा इसरो के सहयोग से संचालित किए जा रहे हैं।
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जम्मू-कश्मीर के केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू में चीन से डिजाइन के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा की तैयारी की जा रही है। विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग में डिजाइन कोर्स शुरू करने की योजना है, ताकि इस क्षेत्र में चीन का वर्चस्व तोड़ा जा सके। यह कहना है विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव जैन का। उनका मानना है कि डिजाइन के क्षेत्र में चीन काफी आगे है। ऐसे में विश्वविद्यालय में बच्चों को डिजाइन के क्षेत्र में तैयार कर चीन से प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाया जा सके, इसकी कोशिश होगी।
अमर उजाला से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि बीटेक में साइबर सुरक्षा व एवियोनिक्स जैसे पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। यह दोनों पाठ्यक्रम डीआरडीओ तथा इसरो के सहयोग से संचालित किए जा रहे हैं। अब इसमें डिजाइन जोड़ने की तैयारी है। विश्वविद्यालय में स्थापित इसरो सेंटर से केन सेटेलाइट का प्रक्षेपण किया जा चुका है। इसरो की ओर से आयोजित प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय चौथे स्थान पर है।
यह जम्मू-कश्मीर का इकलौता विश्वविद्यालय है जिसने प्रतियोगिता में भागीदारी की। आने वाले समय में नैनो सेटेलाइट पर काम करने की योजना है। विश्वविद्यालय के इसरो सेंटर का विभिन्न शैक्षिक संस्थानों के 15 हजार विद्यार्थियों ने दौरा कर जानकारी हासिल की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का सेमी कंडक्टर पर ज्यादा जोर है। इसके मद्देनजर विश्वविद्यालय के एमएससी पाठ्यक्रम में इसे बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि देश इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो सके।
उन्होंने बताया कि अब विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य भी स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं। इसके लिए स्टार्टअप नीति लाई जाएगी। पेटेंट हासिल करने की दिशा में भी सकारात्मक प्रयास हुए हैं। अब तक 12 पेटेंट कराए जा चुके हैं। इस संबंध में और भी काम किए जा रहे हैं। गुणात्मक शोध पर बल है। यह प्रयास है कि विश्वविद्यालय के शोध का देशभर में नाम हो। विश्व रैकिंग में स्थान बनाने की कोशिश है। यह प्रयास है कि अगले दो साल में विश्वविद्यालय को विश्व रैकिंग हासिल हो सके तभी बेहतर समझौते (एमओयू) हो सकते हैं। विश्वविद्यालय अब कंसलटेंसी भी करने लगा है।
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में 24 राज्यों लगभग 2200 विद्यार्थी हैं। इनकी संख्या 3500 तक ले जाने का लक्ष्य है। विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति से जोड़े रखने के लिए स्नातक स्तर पर भारतीय ज्ञान पद्धति को पाठ्यक्रम में अनिवार्य बनाया गया है। पीएचडी में इसके विषय में एक चैप्टर डालना अनिवार्य है। नए सत्र से सभी को योग से जोड़ा जाएगा। इसके लिए शाम के समय योग सत्र संचालित होगा।
दो हॉस्टल अगले सत्र से, खेल मैदान भी हो रहा तैयार
प्रो. जैन ने बताया कि अगले कुछ महीनों में 500-500 क्षमता के छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल खोल दिए जाएंगे ताकि दूरदराज के विद्यार्थियों को दिक्कत न आए। प्रशासनिक व लाइब्रेरी भवन, विज्ञान ब्लॉक भी तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इंजीनियरिंग, गैर विज्ञान व प्रशासनिक भवन बनकर तैयार हो जाएगा। विश्वविद्यालय में खेल मैदान भी तैयार किया जा रहा है। यह आसपास के इलाके का सबसे बड़ा खेल मैदान होगा। फ्लड लाइट्स भी लगाए जाएंगे जिससे रात के वक्त भी प्रतियोगिताएं हो सके। विश्वविद्यालय में पहाड़ी को काटकर बनाए जा रहे भवनों से निकली मिट्टी का इस्तेमाल खेल मैदान को बनाने के लिए किया जा रहा है।
परीक्षा के चौथे दिन परिणाम
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखकर कई फैसले किए गए हैं। समर्थ पोर्टल के जरिये परीक्षा खत्म होने के चौथे दिन परिणाम निकाल दिया जाता है। सभी विद्यार्थियों को उनकी कॉपी भी दिखाई जाती है ताकि वे मूल्यांकन से संतुष्ट रहें। इस वजह से विश्वविद्यालय में पुनर्मूल्यांकन की स्थिति नहीं आ पाती है। शैक्षिक सत्र का अक्षरश: पालन किया जा रहा है। नई शिक्षा नीति के तहत परिणाम आधारित शिक्षा पद्धति शुरू की गई है। माइनर डिग्री अवधारणा भी शुरू है ताकि बच्चों को दूसरे विषय का भी ज्ञान हो सके।