{"_id":"792579d1bf0af4916ee4a3c2efe7da09","slug":"pil-regarding-mnerga-scam-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफसरों ने सरपंच की मदद से किया लाखों का घोटाला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अफसरों ने सरपंच की मदद से किया लाखों का घोटाला
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Wed, 06 May 2015 07:18 PM IST
विज्ञापन
सरकारी मुलाजिमों, विद्यार्थियों, नाबालिग और मृतकों को मनरेगा योजना के तहत काम देकर लाखों का घोटाला करने के मामले में हाईकोर्ट ने विजिलेंस को आठ जून तक जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
विज्ञापन
आशिक हुसैन और अन्य द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया कि योजना के तहत ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में बेरोजगारी दूर करने के उद्देश्य से प्रत्येक परिवार के बालिग व्यक्ति को सौ दिन काम की गारंटी देना है।
विज्ञापन
अफसरों ने उन लोगों के भी जॉब कार्ड बनाए, जो नाबालिग हैं और काम पाने के पात्र नहीं है। आरोप है कि अफसरोें ने सरपंच और पंचों के साथ मिलकर अवैध रूप से लाखों रुपये निकाल लिए।
विज्ञापन
हाईकोर्ट के जस्टिस हसनैन मसूदी और जस्टिस जनक राज कोतवाल ने याचिकाकर्ता के वकील की दलीलें सुनने के बाद पाया कि इस संबंध में विजिलेंस थाने में दो साल पहले प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
सामान्य तौर पर अब तक मामले की जांच पूरी हो जानी चाहिए थी। त्वरित परीक्षण का अधिकार, जीवन के अधिकार का अभिन्न अंग है और न्यायालय के समक्ष सुनवाई के लिए व्यक्तिगत स्वतंत्रता सीमित न होकर संहिता के तहत जांच होनी चाहिए।
अदालत ने जांच अधिकारी को निर्देश दिए कि आठ जून को मामले की अगली होने वाली सुनवाई से पहले हर हाल में जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करें।