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विजिलेंस के घेरे में पीएचई अधिकारी
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Wed, 18 Feb 2015 10:00 PM IST
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बाजार से अधिक कीमत पर पंप सेट खरीद कर सरकारी खजाने को चूना लगाने वाले पीएचई विभाग (जम्मू) के छह तत्कालीन अफसरों के अलावा दो अन्य पर विजिलेंस विभाग ने मामला दर्ज किया है।
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विजिलेंस ने जांच के बाद तत्कालीन चीफ इंजीनियर (जम्मू), एसई (मेकेनिकल अर्बन सर्किल, जम्मू), एसई (हाइड्रोलिक सर्किल, जम्मू), सीएओ, चीफ इंजीनियर के टेक्निकल अफसर और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (प्रोक्यूरमेंट) के खिलाफ जेएंडके पीसी एक्ट-2006 और आरपीसी की धारा 120-बी के तहत केस दर्ज कर लिया है।
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इसके अलावा यूईई इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के तत्कालीन डायरेक्टर अशोक सहगल और कंपनी के तत्कालीन प्रोजेक्ट मैनेजर शैलेश त्रिपाठी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
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विजिलेंस के अनुसार जांच में पाया गया कि विभाग ने 2009 में एक करोड़ तीन लाख 26 हजार 430 रुपये में चार पंप सेट खरीदे। इसके लिए सप्लायर के बिल कामर्शियल टैक्सेज विभाग को भी सौंपे गए।
इसमें इंश्योरेंस, किराया, एंट्री चार्ज, वैट, हैंडलिंग चार्ज के अलावा सप्लायर को 15 फीसदी लाभ दिया गया। इस तरह प्रत्येक पंप सेट की कीमत 35,18,086 रुपये पहुंच गई। सप्लायर ने प्रत्येक पंप की कीमत 64 लाख रुपये कोट की थी, जो बाजार कीमत से काफी अधिक थी।
इस पर्चेज आर्डर के आधार पर खरीद कमेटी ने 25 मई 2009 को दो पंप सेट खरीदे। इसी तरह यूईई इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से छह पंप सेट 1.65 करोड़ रुपये में खरीदे गए। विजिलेंस ने जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।