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मेजर अनिता खुदकुशी मामले में मेजर अनूप को मिली अग्रिम जमानत
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 24 Feb 2017 04:27 PM IST
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मेजर अनूप की अग्रिम जमानत की अर्जी मंजूर
- फोटो : डेमो पिक
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जम्मू के बहुचर्चित मेजर अनीता खुदकुशी मामले में मेजर अनूप की अग्रिम जमानत की अर्जी मंजूर कर ली गई है। हालांकि इस मामले की जांच पूरी होने तक अनूप को रियासत न छोड़ने का फरमान भी जारी किया गया है। वह जांच अधिकारी को जांच के लिए सहयोग करेंगे।
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जमानत देने से पहले जस्टिस अलोक अराधे ने इस मामले से जुड़े तथ्यों को बारीकी से देखा। अनूप के वकील असीम साहनी ने कोर्ट में जमानत के लिए सबूत पेश किए। जस्टिस ने सरकारी वकील और अनूप के वकील की दलीलों को सुना।
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अनूप के वकील ने कोर्ट में सबूत सौंपते हुए कहा कि याचिकाकर्ता भारतीय सेना में मेजर रैंक पर तैनात है, जबकि मेजर अनीता भी भारतीय सेना की अधिकारी थी। दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। अनीता ने 15 दिसंबर को अपनी पिस्तौल से खुदकुशी कर ली। सबूतों से साफ है कि दोनों लिव इन में रह रहे थे। दोनों पढ़े-लिखे थे।
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जांच पूरी होने तक वह रियासत से बाहर नहीं जा पाएंगे मेजर अनूप
खुदकुशी मामले में जांच जारी
- फोटो : demopic
ऐसे में इस मामले में 376 की धारा का कोई तुक नहीं बनता। यह भी साबित नहीं होता कि अनूप ने अनीता को खुदकुशी के लिए उकसाया। जज ने महसूस किया कि मेजर अनीता भी पढ़ी-लिखी थी और मेजर अनूप भी पढ़े-लिखे हैं, जो भारतीय सेना में अधिकारी है। रिकार्ड से साफ होता है कि दोनों पिछले पांच साल से एक-दूसरे के साथ थे।
प्रथम दृष्टि के आधार पर अक्षय मनोज जयसिंगानी मामले का हवाला देते हुए जज ने कहा कि यह मामला दुष्कर्म का नहीं लगता। ऐसा भी कोई रिकार्ड सामने नहीं आया कि जिससे पता चल रहा हो कि मृतका के खुदकुशी भरे पत्र में अनूप के नाम का जिक्र है।
इन तमाम बातों को ध्यान में रखकर जज ने अनूप को अग्रिम जमानत दे दी। हालांकि उन्हें पचास हजार का निजी मुचलका भरने के लिए कहा गया है। वह जांच के लिए जांच अधिकारी को पूरा सहयोग करेंगे और कोई आनाकानी नहीं करेंगे। जांच पूरी होने तक वह रियासत से बाहर नहीं जा पाएंगे।
प्रथम दृष्टि के आधार पर अक्षय मनोज जयसिंगानी मामले का हवाला देते हुए जज ने कहा कि यह मामला दुष्कर्म का नहीं लगता। ऐसा भी कोई रिकार्ड सामने नहीं आया कि जिससे पता चल रहा हो कि मृतका के खुदकुशी भरे पत्र में अनूप के नाम का जिक्र है।
इन तमाम बातों को ध्यान में रखकर जज ने अनूप को अग्रिम जमानत दे दी। हालांकि उन्हें पचास हजार का निजी मुचलका भरने के लिए कहा गया है। वह जांच के लिए जांच अधिकारी को पूरा सहयोग करेंगे और कोई आनाकानी नहीं करेंगे। जांच पूरी होने तक वह रियासत से बाहर नहीं जा पाएंगे।