अजय के स्वागत की जगह अब शव का इंतजार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिस घर में बेटे के स्वागत की तैयारियां हो रही थी, वहां अचानक उसके मरने की सूचना पहुंच जाए तो परिवार पर क्या बीतती है, यह शायद मुल्ख राज के परिवार से बेहतर कोई नहीं जान सकता। मलेशिया में मारे गए युवक अजय कुमार की मौत की खबर पाकर पूरा परिवार सन्न है।
गांव के लोगों को भी यह खबर पच नहीं पा रही। यूं तो कई दिन पहले ही पता चल गया था, लेकिन अब बस बेटे को अंतिम बार देखने का इंतजार हो रहा है। शायद यही कारण है कि मां-बाप और भाई-बहन की आंखों में रो-रो कर अब आंसू भी सूख चुके हैं।
अमर उजाला की टीम ने अजय के घर जाकर हाल जानने की कोशिश तो सब कुछ सामने आ गया। पिता मुल्ख राज ने बताया कि साढ़े तीन साल पहले अजय एक कंपनी के जरिये मलेशिया गया था। वहां किसी कंपनी में काम करता था।
उसकी हर रोज घर मे बात होती थी। अजय ने बताया कि वह घर आ रहा है। यह सुनकर पूरा परिवार खुश था और उसके स्वागत की तैयारी कर रहा था। अजय ने बताया था कि 22 अप्रैल को वह मलेशिया से चलेगा और 25 अप्रैल को घर पहुंचेगा।
पैसों के लालच में हत्या की आशंका
15 अप्रैल को अजय ने फोन कर बताया कि वह हवाई जहाज की टिकट लेने जा रहा है। इसके बाद उसका कोई फोन नहीं आया। 15 अप्रैल के बाद बार-बार फोन करने पर भी बात नहीं हुई। 20 अप्रैल को स्थानीय तहसीलदार उनके घर पहुंचे और बोला कि डीसी जम्मू ने बुलाया है।
यहां डीसी ने बताया कि उनके बेटे की मलेशिया में मौत हो चुकी है। पहले बताया गया था कि आकस्मिक मौत हुई, लेकिन बाद में पला चला कि अजय को किसी ने मार दिया है। उसके शरीर पर काफी चोटों के निशान थे।
परिवार का मानना है कि अजय साढ़े तीन साल के बाद घर आ रहा था। उसके पास पैसे भी थे। शायद उसको मारने के पीछे यह एक बड़ा कारण हो सकता है। अजय के परिवार में उसकी दो बहनें, एक छोटा भाई है। दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। अब घर पर अजय की शादी पर विचार चल रहा था। जिस घर में बेटे की शादी करने की तैयारी थी, वहां अब उसकी लाश का इंतजार हो रहा है।