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बच्चे की गुमशुदगी मामले में सीबीआई से स्टेटस रिपोर्ट तलब
जेएनएफ/जम्मू
Updated Fri, 02 Sep 2016 12:45 AM IST
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सीबीआई
- फोटो : Demo Pic.
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जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट (जम्मू विंग) ने विजयपुर से लापता हुए बारह वर्षीय बच्चे की जांच रिपोर्ट सीबीआई से तलब की है। कोर्ट ने सीबीआई को तीन सप्ताह का समय दिया है।
जस्टिस ताशी राबस्तन ने सीबीआई निदेशक को सीबीआई की स्टैंडिंग कौंसल एडवोकेट मोनिका कोहली के माध्यम से नोटिस जारी किया। विजयपुर पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार पांच मई 2014 को बारह वर्षीय विशाल शर्मा विजयपुर स्थित अपने घर से खेलने के लिए निकला था। विजयपुर सब्जी मंडी की ओर गया विशाल फिर नहीं लौटा।
पिता राजेश शर्मा ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी। हाईकोर्ट ने वर्ष 2015 में पुलिस से मामले को सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया। अदालत में पेश याची पक्ष से पेश हुए एडवोकेट शेख शकील अहमद, शेख नजीब अशरफ और इरफान मोहम्मद खान ने कहा हाईकोर्ट ने अक्तूबर 2015 में मामला सीबीआई को सौंपा था।
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पुलिस की जांच से बने निराशा के माहौल में सीबीआई से उम्मीद की गई। राज्य सरकार ने एसआरओ-100 के तहत मामले को सीबीआई को ट्रांसफर किया, लेकिन छह महीने गुजर जाने के बाद भी लापता बच्चे की जांच किसी नतीजे पर पहुंचती नजर नजर नहीं आ रही। बच्चे को खोजने की उम्मीद लेकर उसके परिवार वाले लगातार भागदौड़ कर रहे हैं।
उन्हाेंने कहा बच्चों की गुमशुदगी जैसे मामलों की जांच के लिए विशेष सेल बनाने की व्यवस्था की जाती है। इस सबके बावजूद मामला अधर में लटका हुआ है, जिसकी वजह से याची पक्ष को फिर से अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है। याची पक्ष चाहता है कि मामले की जांच अदालत की निगरानी में की जाए।
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जस्टिस ताशी राबस्तन ने सीबीआई निदेशक को सीबीआई की स्टैंडिंग कौंसल एडवोकेट मोनिका कोहली के माध्यम से नोटिस जारी किया। विजयपुर पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार पांच मई 2014 को बारह वर्षीय विशाल शर्मा विजयपुर स्थित अपने घर से खेलने के लिए निकला था। विजयपुर सब्जी मंडी की ओर गया विशाल फिर नहीं लौटा।
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पिता राजेश शर्मा ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी। हाईकोर्ट ने वर्ष 2015 में पुलिस से मामले को सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया। अदालत में पेश याची पक्ष से पेश हुए एडवोकेट शेख शकील अहमद, शेख नजीब अशरफ और इरफान मोहम्मद खान ने कहा हाईकोर्ट ने अक्तूबर 2015 में मामला सीबीआई को सौंपा था।
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पुलिस की जांच से बने निराशा के माहौल में सीबीआई से उम्मीद की गई। राज्य सरकार ने एसआरओ-100 के तहत मामले को सीबीआई को ट्रांसफर किया, लेकिन छह महीने गुजर जाने के बाद भी लापता बच्चे की जांच किसी नतीजे पर पहुंचती नजर नजर नहीं आ रही। बच्चे को खोजने की उम्मीद लेकर उसके परिवार वाले लगातार भागदौड़ कर रहे हैं।
उन्हाेंने कहा बच्चों की गुमशुदगी जैसे मामलों की जांच के लिए विशेष सेल बनाने की व्यवस्था की जाती है। इस सबके बावजूद मामला अधर में लटका हुआ है, जिसकी वजह से याची पक्ष को फिर से अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है। याची पक्ष चाहता है कि मामले की जांच अदालत की निगरानी में की जाए।