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सड़क हादसों से वर्ष 2015 में गईं 917 जानें
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Thu, 23 Jun 2016 12:27 AM IST
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- फोटो : Demo Pic.
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रियासत में हर साल सैकड़ों लोग सड़क हादसों में जान गंवा रहे हैं। विधान परिषद में यासिर रेशी और जफर इकबाल मन्हास के सवाल का जवाब देते हुए उपभोक्ता मामले एवं जन वितरण मंत्री चौधरी जुल्फकार अली ने बताया वर्ष 2015 में 917 लोग सड़क हादसों में मारे गए।
वर्ष में 5836 सड़क हादसे दर्ज किए गए थे। मंत्री ने कहा, सड़क हादसों का ग्राफ कम करने के लिए विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि सड़क यातायात को सुरक्षित बनाया जा सके। मंत्री ने कहा, वर्ष 2015 में 6 लाख 37 हजार 110 लोगों को चालान किया गया। चालान के माध्यम से राज्य सरकार को 12 करोड़ 79 लाख 54 हजार 692 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
इसी तरह से वर्ष 2016 के अप्रैल महीने तक 2 लाख 74 हजार 137 लोगों के चालान काटे गए। इस दौरान सरकार को 5 करोड़ 35 लाख 57 हजार 619 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। मंत्री ने कहा जो चालक आदतन वाहन तेज चलाते हैं और हादसों को न्योता देते हैं। उनके लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा की जा रही है। इनमें सार्वजनिक परिवहन सेवा से जुड़े चालकों पर प्राथमिकता से कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
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इसके अलावा हादसों के बाद चालकों के खिलाफ आपराधिक धाराओं के तहत मामले भी दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुंछ और डोडा से सटे इलाकों में चार पहिया और मिनी बसों के परमिट नहीं दिए जा रहे हैं। 25 वर्ष पुराने वाहनों को सड़क से हटा दिया गया है। 15 वर्ष पुराने वाहनों को वर्ष में दो दफा मेकेनिकल फिटनेस करवाने की अनिवार्यता दी गई है।
मंत्री ने कहा कि हादसों को रोकने के लिए स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल और डिस्ट्रिक्ट रोड सेफ्टी काउंसिलों का गठन किया गया है। नेशनल हाईवे एक्सीडेंट रिलीफ सर्विस स्कीम के तहत आपात स्थिति के लिए रिकवरी क्रेन और 15 एंबुलेंस दी गई हैं। जम्मू और श्रीनगर शहरों में इलेक्ट्रानिक ट्रैफिक सिगनल सिस्टम लगाने के बाद यातायात प्रबंधन में सुधार हुआ है।
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वर्ष में 5836 सड़क हादसे दर्ज किए गए थे। मंत्री ने कहा, सड़क हादसों का ग्राफ कम करने के लिए विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि सड़क यातायात को सुरक्षित बनाया जा सके। मंत्री ने कहा, वर्ष 2015 में 6 लाख 37 हजार 110 लोगों को चालान किया गया। चालान के माध्यम से राज्य सरकार को 12 करोड़ 79 लाख 54 हजार 692 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
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इसी तरह से वर्ष 2016 के अप्रैल महीने तक 2 लाख 74 हजार 137 लोगों के चालान काटे गए। इस दौरान सरकार को 5 करोड़ 35 लाख 57 हजार 619 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। मंत्री ने कहा जो चालक आदतन वाहन तेज चलाते हैं और हादसों को न्योता देते हैं। उनके लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा की जा रही है। इनमें सार्वजनिक परिवहन सेवा से जुड़े चालकों पर प्राथमिकता से कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
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इसके अलावा हादसों के बाद चालकों के खिलाफ आपराधिक धाराओं के तहत मामले भी दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुंछ और डोडा से सटे इलाकों में चार पहिया और मिनी बसों के परमिट नहीं दिए जा रहे हैं। 25 वर्ष पुराने वाहनों को सड़क से हटा दिया गया है। 15 वर्ष पुराने वाहनों को वर्ष में दो दफा मेकेनिकल फिटनेस करवाने की अनिवार्यता दी गई है।
मंत्री ने कहा कि हादसों को रोकने के लिए स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल और डिस्ट्रिक्ट रोड सेफ्टी काउंसिलों का गठन किया गया है। नेशनल हाईवे एक्सीडेंट रिलीफ सर्विस स्कीम के तहत आपात स्थिति के लिए रिकवरी क्रेन और 15 एंबुलेंस दी गई हैं। जम्मू और श्रीनगर शहरों में इलेक्ट्रानिक ट्रैफिक सिगनल सिस्टम लगाने के बाद यातायात प्रबंधन में सुधार हुआ है।