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पशु तस्करी के खिलाफ बार-बार हाईवे पर उतरे प्रदर्शनकारी
Updated Tue, 04 Dec 2018 01:31 AM IST
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कठुआ। सोमवार को कठुआ जिले के हीरानगर से सटे पथवाल इलाके में पशु तस्करी का मामला सामने आने के बाद स्थिति विस्फोटक हो गई। भारी पुलिस बल मौजूद होने के बाद भी बार-बार प्रदर्शनकारी सड़क जाम करने के लिए जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे पर उतरे। देर शाम तक हालात विस्फोटक बने हुए थे और पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर जमा थे।
सुबह 11 बजे के लगभग नेशनल हाईवे पर कूच करने के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनातनी का माहौल बन गया। पहली बार हाईवे से हटाए गए प्रदर्शनकारियों ने कुछ ही देर बाद दियालाचक बाजार को भी बंद करवा दिया। देखते ही देखते पूरे इलाके में पुलिस और प्रदर्शनकारी ही बच गए। देर शाम तक लगभग छह से सात बार प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम करने का प्रयास किया जिसे पुलिस लगातार विफल करती रही। हाईवे पर यातायात को तो पुलिस ने बहाल करवा दिया लेकिन दियालाचक हीरानगर के बीच सड़क पर लगातार हो रहे प्रदर्शन के बीच यातायात प्रभावित रहा।
प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा कि रूटीन में पशुओं की तस्करी हो रही है और पुलिस सिर्फ उन्हें सेफ रूट उपलब्ध करवाने का काम कर रही है। ऐसे में अब उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है और संवेदनशील इलाकों में सेना या फिर सीआरपीएफ की नाकेबंदी की जानी चाहिए। एसडीएम हीरानगर सुरेश शर्मा ने आश्वासन दिया है कि सोमवार रात से ही लोगों की बताई जगहों पर अर्धसैनिक बलों की नाकेबंदी सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से दो दिन का समय मांगा है और आश्वास्त किया कि इस बीच पशु तस्करों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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सुबह 11 बजे के लगभग नेशनल हाईवे पर कूच करने के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनातनी का माहौल बन गया। पहली बार हाईवे से हटाए गए प्रदर्शनकारियों ने कुछ ही देर बाद दियालाचक बाजार को भी बंद करवा दिया। देखते ही देखते पूरे इलाके में पुलिस और प्रदर्शनकारी ही बच गए। देर शाम तक लगभग छह से सात बार प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम करने का प्रयास किया जिसे पुलिस लगातार विफल करती रही। हाईवे पर यातायात को तो पुलिस ने बहाल करवा दिया लेकिन दियालाचक हीरानगर के बीच सड़क पर लगातार हो रहे प्रदर्शन के बीच यातायात प्रभावित रहा।
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प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा कि रूटीन में पशुओं की तस्करी हो रही है और पुलिस सिर्फ उन्हें सेफ रूट उपलब्ध करवाने का काम कर रही है। ऐसे में अब उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है और संवेदनशील इलाकों में सेना या फिर सीआरपीएफ की नाकेबंदी की जानी चाहिए। एसडीएम हीरानगर सुरेश शर्मा ने आश्वासन दिया है कि सोमवार रात से ही लोगों की बताई जगहों पर अर्धसैनिक बलों की नाकेबंदी सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से दो दिन का समय मांगा है और आश्वास्त किया कि इस बीच पशु तस्करों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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