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सेना में भर्ती के नाम पर करते थे लोगों से ठगी
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 06 Dec 2014 10:09 PM IST
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क्राइम ब्रांच जम्मू ने सेना में भर्ती करवाने के आरोप में बाप और बेटों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। चक्क बखतावर, तहसील आरएस पुरा, जम्मू निवासी रतन लाल और उनके दो बेटे राकेश कुमार तथा नरिंद्र कुमार के खिलाफ धारा 420, 465, 467, 468, 120-बी आरपीसी के तहत एफआईआर भी लगी है। आरोपियों ने पीड़ितों से अभी तक अब तक 12.70 रुपये एंठें हैं।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक रत्तियां, आरएस पुरा निवासी सनी बनसोत्रा ने उन्हें शिकायत दर्ज करवाई थी कि बख्तावर गांव के रहने वाले रतन लाल ने अपने दो बेटों के साथ मिलकर उन्हें सेना में भर्ती करवाने का भरोसा दिलाया था।
खुद की गोल्फ कोर्स के बाहर दर्जी की दुकानों के चलते बड़े 162 इंफेंटरी ब्रिगेड के अधिकारियों के साथ बातचीत होने का दावा भी किया था। उन्हें ठगने के लिए कई फर्जी काल पर बातचीत करके उन्हें गुमराह किया गया।
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आरोपियों ने उन्हें क्लर्क की नौकरी लगाने की उम्मीद बांधी थी। इस संबंध में उन्होंने 12.70 लाख रुपये उन्हें दे दिए। तब आरोपियों ने काल आने की बात कही। काल भी आई, इंटरव्यू भी हो गया, लेकिन ज्वाइनिंग नहीं हो सकी।
इसका कारण पूछे जाने पर आरोपियों ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उनके साथ संपर्क होना बंद हो गया। तब पीड़ित ने खुद को ठगा हुआ महसूस किया तो उन्होंने इसकी शिकायत क्राइम ब्रांच को दी। क्राइम ब्रांच ने मामले में जांच पड़ताल की तो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया गया है।
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क्राइम ब्रांच के मुताबिक रत्तियां, आरएस पुरा निवासी सनी बनसोत्रा ने उन्हें शिकायत दर्ज करवाई थी कि बख्तावर गांव के रहने वाले रतन लाल ने अपने दो बेटों के साथ मिलकर उन्हें सेना में भर्ती करवाने का भरोसा दिलाया था।
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खुद की गोल्फ कोर्स के बाहर दर्जी की दुकानों के चलते बड़े 162 इंफेंटरी ब्रिगेड के अधिकारियों के साथ बातचीत होने का दावा भी किया था। उन्हें ठगने के लिए कई फर्जी काल पर बातचीत करके उन्हें गुमराह किया गया।
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आरोपियों ने उन्हें क्लर्क की नौकरी लगाने की उम्मीद बांधी थी। इस संबंध में उन्होंने 12.70 लाख रुपये उन्हें दे दिए। तब आरोपियों ने काल आने की बात कही। काल भी आई, इंटरव्यू भी हो गया, लेकिन ज्वाइनिंग नहीं हो सकी।
इसका कारण पूछे जाने पर आरोपियों ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उनके साथ संपर्क होना बंद हो गया। तब पीड़ित ने खुद को ठगा हुआ महसूस किया तो उन्होंने इसकी शिकायत क्राइम ब्रांच को दी। क्राइम ब्रांच ने मामले में जांच पड़ताल की तो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया गया है।