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जिम सेंटर की भूमि पर विवाद
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अखनूर। कस्बे के चिनाब दरिया में जियो पोता घाट पर बनाने जा रहे योग और जिम सेंटर की भूमि का चयन करने पर विवाद उत्पन्न हो गया है। जिस पर कई संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। कई प्रतिनिधि मंडलों ने शनिवार को एसडीएम से मिल करके आपत्ति दर्ज की है। पूर्व विधायक राजीव शर्मा ने इसका विरोध करने वाले को राजनीतिक कारण बताया।
पूर्व विधायक राजीव शर्मा के फंड से 60 लाख रुपये की लागत से चिनाब दरिया के जियो पोता घाट के मुख्य चौराहा पर जिम और योगा सेंटर बनाने की भूमि की निशानदेही करने पर विवाद उत्पन्न हो गया है। इस पर कई संगठन चौराहे पर बिल्डिंग बनाने पर आपत्ति दर्ज कर रहे हैं। लोगों को कहना है कि इस जगह पर बिल्डिंग बनाने से प्राकृतिक सौंदर्य खत्म होगा। राज तिलक सेलिवेशन कमेटी के चेयरमैन केपी सिंह और संध्या अराती कमेटी के प्रधान सुभाष लंगर की अगुवाई में अलग-अलग प्रतिनिधिमंडलों ने एसडीएम गोपाल सिंह से मिल भूमि के निर्णय को गलत बताया। जिस पर किसी भी स्थिति में बिल्डिंग न बनाने के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि चयनित भूमि धर्म ट्रस्ट की है। जिस पर किसी भी स्थिति में निर्माण नहीं हो सकता।
राज तिलक सेलिवेशन कमेटी के चेयरमैन केपी सिंह ने बताया कि भूमि का चयन गलत है। भूमि धर्म ट्रस्ट की है। इसी भूमि पर राज्य के प्रथम महाराजा गुलाब सिंह का राज तिलक हुआ था। ऐसे में प्रशासन को अन्य भूमि का चयन करके बिल्डिंग बनाना चाहिए जो कि किसी का विरोध नहीं होगा।
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संध्या आरती कमेटी के प्रधान सुभाष लंगर ने बताया कि घाट की प्राकृतिक सौंदर्य को नुकसान होगा। ऐसे में प्रशासन को इस कार्य पर रोक लगानी चाहिए। जो आम लोगों की मांग है। वहीं पार्षद राकेश मल्होत्रा ने बताया कि चयनित भूमि पर बिना किसी जांच के बिल्डिंग का निर्माण शुरू करने की योजना है। पूरी जांच करके ही प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।
म्यूनिसिपल कमेटी के प्रधान दीपेश सिंह पवार ने बताया कि भूमि पर जिम और योगा सेंटर बनाने का प्रोजेक्ट है। इस पर करीब 60 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। पूर्व विधायक राजीव शर्मा ने बताया फंड से ही घाट पर बिल्डिंग बनाई जा रही है। कुछ लोग राजनीति करके विकास रोक रहे हैं। इसका कस्बे के लोगों को नुकसान होगा। बिल्डिंग बनने से क्षेत्र के लोगों को लाभ होगा।
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पूर्व विधायक राजीव शर्मा के फंड से 60 लाख रुपये की लागत से चिनाब दरिया के जियो पोता घाट के मुख्य चौराहा पर जिम और योगा सेंटर बनाने की भूमि की निशानदेही करने पर विवाद उत्पन्न हो गया है। इस पर कई संगठन चौराहे पर बिल्डिंग बनाने पर आपत्ति दर्ज कर रहे हैं। लोगों को कहना है कि इस जगह पर बिल्डिंग बनाने से प्राकृतिक सौंदर्य खत्म होगा। राज तिलक सेलिवेशन कमेटी के चेयरमैन केपी सिंह और संध्या अराती कमेटी के प्रधान सुभाष लंगर की अगुवाई में अलग-अलग प्रतिनिधिमंडलों ने एसडीएम गोपाल सिंह से मिल भूमि के निर्णय को गलत बताया। जिस पर किसी भी स्थिति में बिल्डिंग न बनाने के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि चयनित भूमि धर्म ट्रस्ट की है। जिस पर किसी भी स्थिति में निर्माण नहीं हो सकता।
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राज तिलक सेलिवेशन कमेटी के चेयरमैन केपी सिंह ने बताया कि भूमि का चयन गलत है। भूमि धर्म ट्रस्ट की है। इसी भूमि पर राज्य के प्रथम महाराजा गुलाब सिंह का राज तिलक हुआ था। ऐसे में प्रशासन को अन्य भूमि का चयन करके बिल्डिंग बनाना चाहिए जो कि किसी का विरोध नहीं होगा।
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संध्या आरती कमेटी के प्रधान सुभाष लंगर ने बताया कि घाट की प्राकृतिक सौंदर्य को नुकसान होगा। ऐसे में प्रशासन को इस कार्य पर रोक लगानी चाहिए। जो आम लोगों की मांग है। वहीं पार्षद राकेश मल्होत्रा ने बताया कि चयनित भूमि पर बिना किसी जांच के बिल्डिंग का निर्माण शुरू करने की योजना है। पूरी जांच करके ही प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।
म्यूनिसिपल कमेटी के प्रधान दीपेश सिंह पवार ने बताया कि भूमि पर जिम और योगा सेंटर बनाने का प्रोजेक्ट है। इस पर करीब 60 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। पूर्व विधायक राजीव शर्मा ने बताया फंड से ही घाट पर बिल्डिंग बनाई जा रही है। कुछ लोग राजनीति करके विकास रोक रहे हैं। इसका कस्बे के लोगों को नुकसान होगा। बिल्डिंग बनने से क्षेत्र के लोगों को लाभ होगा।