फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   पाकिस्तान में बैठे आकाओं के संपर्क में लगातार थी आसिया

पाकिस्तान में बैठे आकाओं के संपर्क में लगातार थी आसिया

Fri, 06 Jul 2018 10:08 PM IST
Updated Fri, 06 Jul 2018 10:08 PM IST
विज्ञापन
पाकिस्तान में बैठे आकाओं के संपर्क में लगातार थी आसिया
पाक में बैठे आकाओं के संपर्क में आसिया
विज्ञापन

दो सहयोगियों के मोबाइल से मिली डिटेल
श्रीनगर में कई बार पाकिस्तान के झंडे लहराते हुए देखा गया
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी कट्टर देश विरोधी है। वह पाकिस्तान में बैठे आकाओं के संपर्क में लगातार थी। उसके आतंकी संगठनों से भी संबंध हैं। एनआईए के पास ऐसे ही कई सबूत आसिया के खिलाफ हैं। श्रीनगर में कई बार उसे पाकिस्तान के झंडे लहराते हुए देखा गया है। इसके बाद से ही वह सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर आई।
एनआईए ने आसिया आंद्राबी के बारे में कई खुलासे किए हैं। इसमें बताया गया है कि जांच करने पर जब आसिया के संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत के सदस्यों से पूछताछ हुई, तो उनके पास से मोबाइल बरामद हुए। इनकी काल डिटेल निकालने पर पता चला कि कई बार पाकिस्तान में बात हुई। यह मोबाइल आसिया की सहयोगी सोफी फहमीदा और नसरीन के हैं। ये तीनों कश्मीर से फंड इकट्ठा कर आतंकी संगठनों तक पहुंचा रही थीं। कश्मीर में मौजूद आतंकियों की यह मदद कर रही थीं।
विज्ञापन

सूत्रों का कहना है कि कश्मीर के आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के युवा आतंकियों के साथ आसिया की सीधी बातचीत थी। वह हिजबुल के चीफ सलाहुद्दीन से भी बातचीत करती थीं। उसके कहने पर ही वह काम कर रही थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------

कौन है आसिया अंद्राबी
आसिया अंद्राबी कश्मीर में एक अलगाववादी नेता के रूप में जानी जाती है। 1962 में जन्मी आसिया ने बीएससी बायोेकेमिस्ट्री और एमए अरेबिक किया है। 1990 में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन की स्थापना करने वाले सदस्यों में शामिल आतंकी डॉ. कासिम फक्तू की वह पत्नी हैं। फक्तू 25 साल से जेल में बंद है। कश्मीर में महिला अलगाववादी नेता के रूप में आसिया का नाम है। आसिया ने दुख्तरान-ए-मिल्लत संगठन बनाया है, जिसे केंद्र सरकार ने आतंकी संगठन घोषित कर प्रतिबंधित किया हुआ है।


हमेशा उगलती रही है जहर
2017 में जून में क्रिकेट चैंपियंस ट्राफी के फाइनल मुकाबले में जब पाकिस्तान ने भारत को हराया तो आसिया ने मस्जिद में जाकर पाकिस्तान का झंडा फहराया। इसी तरह उसने कई बार श्रीनगर में पाकिस्तान का झंडा फहराया। आसिया अपने सहयोगियों के साथ साइबरस्पेस पर पाकिस्तान के समर्थन में कैंपेन चला रही थी। युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए बहका रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed