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सीमावर्ती ग्रामीणों को सता रही गोलाबारी की आशंका
Updated Sat, 01 Dec 2018 01:07 AM IST
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कठुआ। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर वीरवार देर रात संदिग्ध हलचल देखे जाने के बाद बीएसएफ की तरफ से की गई गोलाबारी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। इसके बाद हालांकि पाकिस्तान ने कोई जवाबी गोलाबारी नहीं की, लेकिन सीमावर्ती इलाकों के ग्रामीणों का कहना है कि पाकिस्तान कभी भी गोलाबारी शुरू कर सकता है। वैसे भी चुनाव के समय या उससे पहले पाकिस्तान की तरफ से आतंकी हमले करवाने या सीजफायर तोड़ने का पुराना इतिहास रहा है। इस समय पंचायत चुनाव के तहत वोट डाले जा रहे हैं। शनिवार को छठे चरण के लिए मतदान होना है। पाकिस्तान आतंकी घुसपैठ करवाकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में खलल डालना चाहता है।
वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव हों या फिर वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव कठुआ जिला कई बार अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ कर आए आतंकियों के दिए जख्म झेल चुका है। वर्ष 2002 में एक अक्तूबर की सुबह एक ओर जहां विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण में लोग मतदान के लिए निकलने की तैयारी में थे वहीं आतंकियों ने जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे पर हीरानगर मोड़ से बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने शुरू कर दिया। पुलिस की वर्दी में आए तीन आतंकियों ने जहां एक टूरिस्ट बस पर ग्रेनेड फेंकते हुए गोलाबारी की वहीं राहगीरों को भी निशाना बनाया। इस हमले में सात लोगों की मौत हो गई तो वहीं कई अन्य घायल हुए थे। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में हीरानगर में विशाल रैली को संबोधित करने आए उस समय के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की रैली के ठीक दो दिन बाद 28 मार्च को आतंकियों ने एक बार फिर नेशनल हाईवे से आतंकी वारदात को अंजाम देने का सिलसिला शुरू किया। दियालाचक के नजदीक एक गाड़ी को हाईजैक करते हुए उन्होंने एक व्यक्ति की हत्या कर दी, जबकि तीन अन्य को बुरी तरह से घायल कर दिया। इसके लगभग दो घंटे के बाद आतंकी कठुआ के जंगलोट से सटे सैन्य कैंप के नजदीक देखे गए और इनकाउंटर में ढेर कर दिए गए।
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वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव हों या फिर वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव कठुआ जिला कई बार अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ कर आए आतंकियों के दिए जख्म झेल चुका है। वर्ष 2002 में एक अक्तूबर की सुबह एक ओर जहां विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण में लोग मतदान के लिए निकलने की तैयारी में थे वहीं आतंकियों ने जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे पर हीरानगर मोड़ से बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने शुरू कर दिया। पुलिस की वर्दी में आए तीन आतंकियों ने जहां एक टूरिस्ट बस पर ग्रेनेड फेंकते हुए गोलाबारी की वहीं राहगीरों को भी निशाना बनाया। इस हमले में सात लोगों की मौत हो गई तो वहीं कई अन्य घायल हुए थे। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में हीरानगर में विशाल रैली को संबोधित करने आए उस समय के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की रैली के ठीक दो दिन बाद 28 मार्च को आतंकियों ने एक बार फिर नेशनल हाईवे से आतंकी वारदात को अंजाम देने का सिलसिला शुरू किया। दियालाचक के नजदीक एक गाड़ी को हाईजैक करते हुए उन्होंने एक व्यक्ति की हत्या कर दी, जबकि तीन अन्य को बुरी तरह से घायल कर दिया। इसके लगभग दो घंटे के बाद आतंकी कठुआ के जंगलोट से सटे सैन्य कैंप के नजदीक देखे गए और इनकाउंटर में ढेर कर दिए गए।
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