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श्रीनगर बंद
Updated Mon, 12 Feb 2018 01:36 AM IST
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श्रीनगर।जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के संस्थापक मकबूल भट्ट की 34वीं बरसी पर घाटी में कई जगह बंद रहा। ट्रेन सेवाएं स्थगित रही और सड़कों पर वाहन भी कम चले। प्रशासन ने श्रीनगर के सात थाना क्षेत्रों में धारा 144 लगा रखा था। अलगाववादी नेताओं को पहले से ही नजरबंद कर दिया गया था। पुलिस ने सोनावर स्थित यूनाइटेड नेशन मिलिट्री आबजर्वर ग्रुप कार्यालय तक लोगों के मार्च को विफल किया।
ज्वाइंट रसिसटेंट ग्रुप (जेआरएल) के बैनर तले अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक, यासीन मलिक ने कश्मीर बंद की अपील की थी। इनकी मांग है कि मकबूल भट्ट की अस्थियों को तिहाड़ जेल से निकालकर कश्मीर भेजा जाए। तिहाड़ जेल में ही 11 फरवरी 1984 को फांसी दी गई थी। तिहाड़ में उसके शव को दफना दिया गया था। बंद को देखते हुए प्रशासन ने कुपवाड़ा सहित अन्य संवेदनशील इलाकों में भी पाबंदियां लगाई। पुराने श्रीनगर के सात थाना क्षेत्र खानयार, करालहुड़, महाराजगंज, मौसुमा, नौहट्टा, रैनावाड़ी, सफकदल में धारा 144 लगाई। मकबूल भट्ट के पैतृक गांव उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के त्रेहगाम गांव में भी सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे। गौरतलब है नौ फरवरी को भी घाटी में बंद रखा गया था। नौ फरवरी को संसद हमले के आरोपी अफजल गुरू को फांसी दी गई थी।
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ज्वाइंट रसिसटेंट ग्रुप (जेआरएल) के बैनर तले अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक, यासीन मलिक ने कश्मीर बंद की अपील की थी। इनकी मांग है कि मकबूल भट्ट की अस्थियों को तिहाड़ जेल से निकालकर कश्मीर भेजा जाए। तिहाड़ जेल में ही 11 फरवरी 1984 को फांसी दी गई थी। तिहाड़ में उसके शव को दफना दिया गया था। बंद को देखते हुए प्रशासन ने कुपवाड़ा सहित अन्य संवेदनशील इलाकों में भी पाबंदियां लगाई। पुराने श्रीनगर के सात थाना क्षेत्र खानयार, करालहुड़, महाराजगंज, मौसुमा, नौहट्टा, रैनावाड़ी, सफकदल में धारा 144 लगाई। मकबूल भट्ट के पैतृक गांव उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के त्रेहगाम गांव में भी सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे। गौरतलब है नौ फरवरी को भी घाटी में बंद रखा गया था। नौ फरवरी को संसद हमले के आरोपी अफजल गुरू को फांसी दी गई थी।
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