{"_id":"5edfd9798ebc3e42e91764ce","slug":"crime-samba-news-jmu211799957","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानसर में हुए विकास कार्य में हुए गोलमाल की जांच सीबीआई से कराने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानसर में हुए विकास कार्य में हुए गोलमाल की जांच सीबीआई से कराने की मांग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सांबा। जिले के पर्यटक एवं धार्मिक स्थल मानसर में कराए गए विकास कार्य में हुए 27 लाख रुपये के गोलमाल की जांच सीबीआई से कराने की मांग उठी है। सरकारी धन की विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से बंदरबांट की गई है।
पूर्व सरपंच दशर्न चौधरी, समाजसेवी अमन गुप्ता, युवा पैंथर्स नेता सुमित सिंह आदि ने उप राज्यपाल जीसी मुर्मू से मांग की है कि वह मानसर में कराए गए विकास कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराए। ताकि पता चल सके कि सरकारी धन का कहां पर दुरुपयोग किया गया है। इसके साथ ही जो भी अधिकारी इस गोरखधंधे में शामिल रहे हैं उन्होंने नौकरी से बर्खास्त किया जाए। सनद रहे कि मानसर झील के किनारों पर विभाग की ओर से लकड़ी के हट बनाए गए हैं। जहां पर पर्यटक खडे़ होकर झील के मनोरम दृश्य का नजारा देखते हैं। वहीं मछलियों को आटा भी खिलाते हैं। ऐसे में एक हट के टूट जाने पर उसकी मरम्मत के लिए सरूंईसर-मानसर विकास प्राधिकरण ने टेंडर निकाले थे। 27 लाख रुपये के टेंडर किए गए। एक ठेकेदार ने जिस हट का टेंडर किया उसे छोड़ कर अन्य हट की मरम्मत करा कर विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से धन निकलवा लिया। इसको लेकर लोगों में रोष है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से कैसे सरकारी धन की बंदरबांट की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार वह उपराज्यपाल को पत्र लिख कर मांग करेंगे कि विकास कार्य की जांच कराई जाए।े
विज्ञापन
पूर्व सरपंच दशर्न चौधरी, समाजसेवी अमन गुप्ता, युवा पैंथर्स नेता सुमित सिंह आदि ने उप राज्यपाल जीसी मुर्मू से मांग की है कि वह मानसर में कराए गए विकास कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराए। ताकि पता चल सके कि सरकारी धन का कहां पर दुरुपयोग किया गया है। इसके साथ ही जो भी अधिकारी इस गोरखधंधे में शामिल रहे हैं उन्होंने नौकरी से बर्खास्त किया जाए। सनद रहे कि मानसर झील के किनारों पर विभाग की ओर से लकड़ी के हट बनाए गए हैं। जहां पर पर्यटक खडे़ होकर झील के मनोरम दृश्य का नजारा देखते हैं। वहीं मछलियों को आटा भी खिलाते हैं। ऐसे में एक हट के टूट जाने पर उसकी मरम्मत के लिए सरूंईसर-मानसर विकास प्राधिकरण ने टेंडर निकाले थे। 27 लाख रुपये के टेंडर किए गए। एक ठेकेदार ने जिस हट का टेंडर किया उसे छोड़ कर अन्य हट की मरम्मत करा कर विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से धन निकलवा लिया। इसको लेकर लोगों में रोष है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से कैसे सरकारी धन की बंदरबांट की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार वह उपराज्यपाल को पत्र लिख कर मांग करेंगे कि विकास कार्य की जांच कराई जाए।े
विज्ञापन