{"_id":"638675051b5fd50085307766","slug":"crime-jammu-news-jmu2733781162","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: घाटी में हर माह नौ लाख की हेरोइन पी जा रहे नशेड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: घाटी में हर माह नौ लाख की हेरोइन पी जा रहे नशेड़ी
विज्ञापन
कुलगाम। कश्मीर घाटी में हेरोइन का नश युवाओं को खोखला कर रहा है। यहां हर महीने नौ लाख रुपये की हेरोइन खरीदी जा रही है।
कुलगाम और बांदीपोरा जिला सूची में सबसे ऊपर है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जिले में नशीले पदार्थ पर एक लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं। मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान (आईएमएचएएनएस) कश्मीर ने इसका सर्वेक्षण किया है। सर्वे में पता चलता है अनंतनाग में हेरोइन पर 89 हजार रुपये, बांदीपोरा में एक लाख, बारामुला में 71 हजार रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बडगाम में 86 हजार रुपये गांदरबल में 79 हजार और कुपवाड़ा में 87 हजार रुपये, जबकि श्रीनगर में 88,529 रुपये, शोपियां में एक लाख रुपये और पुलवामा में 81 हजार रुपये हेरोइन का नशा खरीदने के लिए युवा खर्च कर रहे हैं।
कुलगाम जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक अफसाना बानो ने कहा कि जिला अस्पताल में व्यसन उपचार सुविधा (एटीएफ) कार्यात्मक है और कई रोगियों का वहां इलाज किया जा रहा है। कहना था कि वह माता-पिता से अनुरोध करते हैं कि अगर उन्हें लगता है कि उनका बच्चा नशीली दवाओं के दुरुपयोग से पीड़ित है तो नजदीकी अस्पतालों में जाकर डॉक्टर से परामर्श लें। ऐसे मरीजों के इलाज की पूरी सुविधा यहां कश्मीर में उपलब्ध है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस साल कुलगाम जिले में ड्रग पेडलर्स के खिलाफ लगभग 90 प्राथमिकी दर्ज की गईं। जबकि 120 को गिरफ्तार किया गया है।
विज्ञापन
कुलगाम और बांदीपोरा जिला सूची में सबसे ऊपर है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जिले में नशीले पदार्थ पर एक लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं। मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान (आईएमएचएएनएस) कश्मीर ने इसका सर्वेक्षण किया है। सर्वे में पता चलता है अनंतनाग में हेरोइन पर 89 हजार रुपये, बांदीपोरा में एक लाख, बारामुला में 71 हजार रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बडगाम में 86 हजार रुपये गांदरबल में 79 हजार और कुपवाड़ा में 87 हजार रुपये, जबकि श्रीनगर में 88,529 रुपये, शोपियां में एक लाख रुपये और पुलवामा में 81 हजार रुपये हेरोइन का नशा खरीदने के लिए युवा खर्च कर रहे हैं।
कुलगाम जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक अफसाना बानो ने कहा कि जिला अस्पताल में व्यसन उपचार सुविधा (एटीएफ) कार्यात्मक है और कई रोगियों का वहां इलाज किया जा रहा है। कहना था कि वह माता-पिता से अनुरोध करते हैं कि अगर उन्हें लगता है कि उनका बच्चा नशीली दवाओं के दुरुपयोग से पीड़ित है तो नजदीकी अस्पतालों में जाकर डॉक्टर से परामर्श लें। ऐसे मरीजों के इलाज की पूरी सुविधा यहां कश्मीर में उपलब्ध है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस साल कुलगाम जिले में ड्रग पेडलर्स के खिलाफ लगभग 90 प्राथमिकी दर्ज की गईं। जबकि 120 को गिरफ्तार किया गया है।
विज्ञापन