फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   crime,jammu news

बिलख पड़े परिजन, आतंक के खिलाफ गुस्सा

विज्ञापन
crime,jammu news
जम्मू पहुंचे आकाश की पार्थिव देह को लेकर जाते परिजन व रिश्तेदार। - फोटो : SHRINAGAR
जम्मू। श्रीनगर में कृष्णा ढाबा के मालिक के परिवार में आकाश मेहरा अकेला बेटा था। उसके एक भाई की कुछ समय पहले किन्हीं कारणों से मौत हो गई थी। अब घर में आकाश के मां बाप और एक बहन ही हैं। बहन बार-बार अपने भाई को खोने के गम में फूट-फूट कर रो रही थी। जबकि दूसरे बेटे को खोने से टूट चुके माता-पिता को संभालना भी मुश्किल हो रहा था। हर कोई इस बात से गमगीन था कि पहले परिवार का एक बेटा चला गया और अब दूसरे को आतंकियों ने मार डाला।
विज्ञापन

आकाश का शव पहुंचते ही जानीपुर स्थित आवास पर आस पास के लोग जुट गए। सभी के चेहरे पर गम के साथ ही आतंकियों के खिलाफ गुस्सा था। लोगों का कहना था कि दहशतगर्दों के साथ कड़ा व्यवहार होना चाहिए। अब लगना चाहिए कि यहां 370 नहीं है। न तो आतंकवाद और न ही आतंकवाद समर्थकों की चलेगी। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन

उमर-महबूबा ने जताया दुख
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया कि आकाश ने मौत का बहादुरी से सामना किया। यह खबर बहुत ही दुखद है। इस दुख की घड़ी में मेरी उनके परिवार के प्रति पूरी संवेदना है। वहीं महबूबा ने लिखा कि बहुत ही चौंकाने वाली और दुखद खबर है। आकाश की मौत पर आम लोगों और अन्य में गुस्सा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पर्यटकों, गैर कश्मीरी कारोबारियों में दहशत फैलाने की साजिश
- पूर्व सीएम उमर समेत प्रदेश के कई वीआईपी अमूमन जाते हैं कृष्णा ढाबा
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। शहर के हाई सिक्योरिटी वाले डल गेट इलाके में कृष्णा ढाबा के मालिक आकाश मेहरा पर आतंकी हमला सोची समझी साजिश के तहत किया गया था। देश-विदेश से आने वाले सैलानियों का यह पसंदीदा ढाबा है। यहां केवल पर्यटक ही नहीं बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत प्रदेश के तमाम वीआईपी भोजन का लुत्फ उठाने पहुंचते हैं। आम लोगों और गैर कश्मीरी कारोबारियों में दहशत पैदा करने के लिए आतंकियों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं। साथ ही सुरक्षा बलों के ऑपरेशन में दहशतगर्दों का सफाया करने के अभियान को झटका पहुंचाने के लिए हाई सिक्योरिटी वाले इलाके को हमले के लिए चुना गया था।
श्रीनगर आने वाले ज्यादातर पर्यटक डल झील के पास स्थित इस ढाबे में भोजन करने आते हैं। दोपहर 12 बजे से ही यहां पर्यटकों की भीड़ जुटनी शुरू हो जाती है जो देर रात तक रहती है। सैलानियों को मनमाफिक और स्वाद अनुसार भोजन मिलने के साथ ही एक सहूलियत यह भी रहती है कि उनके होटल करीब होते हैं। क्योंकि ज्यादातर पर्यटक डल झील तथा आस-पास के इलाकों में स्थित होटलों में ठहरने को प्राथमिकता देते हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि लोगों में दहशत पैदा करना ही आतंकियों का मकसद था। हालांकि, पुलिस की सतर्कता की वजह से घटना को अंजाम देने वाले आतंकियों को धर दबोचा गया।

घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर यूएनओ का दफ्तर है। इसी इलाके में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश का आवास भी है। डल झील वाले इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है। 17 फरवरी को घटना वाले दिन जम्मू-कश्मीर में बदलाव की हकीकत जानने आए विदेशी राजनयिकों का दल भी इसी इलाके में रुका हुआ था। आतंकियों की साजिश थी कि विदेशी राजनयिकों तक भी यह संदेश पहुंचाया जा सके कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद घाटी में सब कुछ सामान्य होने और आतंकवाद पर अंकुश पाने की जो बातें कही जा रही हैं वह हकीकत से दूर है। अब भी यहां आतंकी सक्रिय हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed