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नौ साल से जेल में बंद पाकिस्तानी आतंकी को नौ साल की सजा
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पाकिस्तानी आतंकी को नौ साल
की कैद, पहले ही काट चुका सजा
- अन्य तीन लोगों को आरोप साबित न होने पर रिहा किया
जम्मू। एनआईए की विशेष अदालत श्रीनगर ने एक पाकिस्तानी आतंकी को नौ साल की सजा सुनाई है। हालांकि तीन आरोपियों को रिहा कर दिया गया, क्योंकि प्रतिवादी पक्ष इनके खिलाफ आरोप साबित नहीं कर सका। 2013 में कश्मीर के पारीमपोरा में आतंकियों ने हमला किया था। इसमें दो आतंकी मारे गए थे और पांच सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए। इस हमले की साजिश में पाकिस्तान के मुल्तान के रहने वाले आतंकी मोहम्मद जुबैर इलाही भी शामिल था। जबकि अन्य लोगों में बशीर अहीमद निवासी शहीद गंज श्रीनगर, सईद मुख्तार हुसैन उड़ी, प्रदीप सिंह निवासी बारामुला का नाम भी शामिल था। लेकिन इनको अदालत ने रिहा कर दिया। इनके खिलाफ कोई सबूत पेश नहीं हो पाया। वहीं आतंकी इलाही नौ साल से जेल में बंद है, जबकि नौ साल की सजा सुनाई गई है। इस हिसाब से आतंकी की सजा पूूरी हो चुकी है। अदालत ने सरकार से यह भी कहा कि यदि आरोपी पर कोई केस न हो तो उसे अपने देश भेजने का बंदोबस्त करें, जब उसकी सजा खत्म हो जाए। जेएनएफ
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की कैद, पहले ही काट चुका सजा
- अन्य तीन लोगों को आरोप साबित न होने पर रिहा किया
जम्मू। एनआईए की विशेष अदालत श्रीनगर ने एक पाकिस्तानी आतंकी को नौ साल की सजा सुनाई है। हालांकि तीन आरोपियों को रिहा कर दिया गया, क्योंकि प्रतिवादी पक्ष इनके खिलाफ आरोप साबित नहीं कर सका। 2013 में कश्मीर के पारीमपोरा में आतंकियों ने हमला किया था। इसमें दो आतंकी मारे गए थे और पांच सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए। इस हमले की साजिश में पाकिस्तान के मुल्तान के रहने वाले आतंकी मोहम्मद जुबैर इलाही भी शामिल था। जबकि अन्य लोगों में बशीर अहीमद निवासी शहीद गंज श्रीनगर, सईद मुख्तार हुसैन उड़ी, प्रदीप सिंह निवासी बारामुला का नाम भी शामिल था। लेकिन इनको अदालत ने रिहा कर दिया। इनके खिलाफ कोई सबूत पेश नहीं हो पाया। वहीं आतंकी इलाही नौ साल से जेल में बंद है, जबकि नौ साल की सजा सुनाई गई है। इस हिसाब से आतंकी की सजा पूूरी हो चुकी है। अदालत ने सरकार से यह भी कहा कि यदि आरोपी पर कोई केस न हो तो उसे अपने देश भेजने का बंदोबस्त करें, जब उसकी सजा खत्म हो जाए। जेएनएफ