जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ के 350 से ज्यादा स्कूलों के भवनों में दरारें, चिनाब वैली में 19 घंटे में छह बार भूकंप
प्रशासन ने डोडा, भद्रवाह व किश्तवाड़ के शैक्षणिक संस्थानों को एहतियातन एक दिन के लिए बंद कर दिया है। भूकंप के लगातार झटकों के कारण कई लोगों ने खुले में रात बिताई। डोडा के उपायुक्त विशेष महाजन और एसएसपी डोडा अब्दुल कयूम ने बुधवार को गंदोह इलाके का दौरा कर क्षतिग्रस्त इमारतों का जायजा लिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू संभाग में 19 घंटे में छह बार भूकंप के झटके लगे। पहला झटका डोडा जिले में मंगलवार दोपहर 1.33 बजे लगा। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.4 थी। एक दिन बाद बुधवार को भूकंप के 5 और झटके लगे। किश्तवाड़ में भूकंप ने भारी क्षति पहुंचाई है। मुख्य शिक्षा अधिकारी किश्तवाड़ प्रह्लाद भगत के अनुसार यहां 350 से अधिक सरकारी स्कूलों में भारी नुकसान पहुंचा है।
मकानों और सरकारी कार्यालयों में भी दरारें आई हैं। प्रशासन ने डोडा, भद्रवाह व किश्तवाड़ के शैक्षणिक संस्थानों को एहतियातन एक दिन के लिए बंद कर दिया है। भूकंप के लगातार झटकों के कारण कई लोगों ने खुले में रात बिताई। डोडा के उपायुक्त विशेष महाजन और एसएसपी डोडा अब्दुल कयूम ने बुधवार को गंदोह इलाके का दौरा कर क्षतिग्रस्त इमारतों का जायजा लिया।
मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात 2.20 बजे डोडा जिले में जमीन के 10 किलोमीटर नीचे 4.3 तीव्रता का भूकंप आया। एक और भूकंप 2.8 तीव्रता का रात 2.43 बजे इसी इलाके में आया। इसका केंद्र रियासी जिले के कटड़ा से 74 किलोमीटर दूर पूर्व था और यह जमीन के पांच किलोमीटर नीचे था।
किश्तवाड़ में बुधवार की सुबह 8.29 बजे 3.3 तीव्रता सेे झटके लगे। इसका केंद्र किश्तवाड़ में जमीन के पांच किलोमीटर नीचे था। इससे पहले डोडा में सुबह 7.56 बजे 3.5 तीव्रता के झटके दर्ज किए गए।
शाम चार बजे फिर किश्तवाड़ में 3.4 की तीव्रता का एक और झटका लगा। इसका केंद्र जमीन से पांच किमी नीचे था। डोडा के मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि बुधवार को एहतियातन स्कूल बंद करवा दिए थे।
चिनाब वैली के लोगों को याद आया 2013
ताजा भूकंपों ने लोगों को वर्ष 2013 की याद दिला दी जब भद्रवाह घाटी में लगातार 70 दिन तक भूकंप के झटके आते रहे थे। ताजा झटकों से अधिकतर इलाकों में लोग डरे रहे। लोगों इन बहुमंजिला इमारतों के दूसरे-तीसरे तल पर जाने से गुरेज किया। भूकंप के बाद कार्यालयों में भी उपस्थिति कम रही।
किश्तवाड़ और डोडा जिलों में स्कूल रहे बंद
जिला किश्तवाड़ में फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए। इससे लोग डरे सहमे हुए हैं। इससे जिला उपायुक्त डॉ. देवांश यादव के निर्देशानुसार मुख्य शिक्षा अधिकारी ने मंगलवार को जिले के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया था। गौरतलब है कि बीते मंगलवार को दोपहर के समय आए भूंकप से लोग डरे हुए थे कि अर्धरात्रि के बाद 2 बजकर 21 मिनट पर फिर से एक भूंकप का झटका लगा।
इससे लोग घरों से बाहर आ गए। सुबह फिर से दो बार हल्के झटके 7 बजे और 9 बजे के आसपास महसूस किए गए। इससे लोग बहुत डर गए। भूकंप से जिले के अधिकतर सरकारी स्कूलों में भारी नुकसान हुआ है। 350 से अधिक सरकारी स्कूलों में या तो भारी नुकसान हुआ है या फिर दरारें आई हैं। कुछ निजी मकानों में भी दरारें आई हैं। सरकारी कार्यालयों में भी कई जगह थोड़ा बहुत नुकसान हुआ है। इससे सरकारी कार्यालयों में भी कम उपस्थिति रही
बारिश में क्या स्कूल बंद रखे जाएंगे
प्रश्न उठ रहा है कि अगर स्कूलों में बच्चे भवन में नहीं बैठ सके तो बारिश आदि में क्या स्कूल बंद रखे जाएंगे। अधिकतर स्कूलों में दरारें आई हुई हैं। इन स्कूलों में ठेकेदारों ने अच्छा काम नहीं किया है। क्या उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। कुछ लोगों का कहना है कि क्या सरकारी स्कूलों को भी निजी स्कूलों की तरह बिल्डिंग सेफ्टी सर्टिफिकेट बोर्ड वाले लेते हैं कि नहीं।
दरारों के कारण बैठने लायक नहीं हैं स्कूल
जिले में मंगलवार को स्कूल बंद करने की वजह यह भी थी कि 350 से अधिक सरकारी स्कूलों में नुकसान हुआ है। ये बैठने के लायक नहीं रहे हैं। इस संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी किश्तवाड़ प्रह्लाद भगत से जब पूछा गया तो उनका यही कहना था कि एक तो हर सरकारी स्कूल में दरारें और नुकसान की सूचना मिल रही थी।
मंगलवार दोपहर के भूंकप के बाद रात को भी दो से तीन झटके महसूस किए गए। बच्चों का नुकसान न हो, इसलिए उन्होंने सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया। हालांकि उन्होंने छोटे बच्चों के लिए ही बंद रखने का आदेश दिया था लेकिन कई स्कूलों में बच्चे जाने से कतराने लगे और अभिभावक भी भेजने से डर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी भी स्कूल में जानमाल का नुकसान नहीं हुआ लेकिन 350 से अधिक स्कूलों में नुकसान की जानकी मिल चुकी है।
भूकंप के बाद डीसी डोगा ने किया गुंदोह का दौरा
उपायुक्त डोडा विशेष महाजन और एसएसपी डोडा अब्दुल कयूम ने बीते मंगलवार को आए 5.4 तीव्रता के भूकंप के बाद की स्थिति का पता लगाने के लिए बुधवार को सब डिवीजन गुंदोह का दौरा किया। उन्होंने लोगों के साथ बातचीत की और इमारतों/घरों का दौरा किया, जिनमें भूकंप के कारण दरारें आ गई हैं। किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए अनुमंडल प्रशासन द्वारा तैयारियों का जायजा भी लिया।
उपायुक्त और एसएसपी ने सीनू, गुज्जर बस्ती, किलोहतरान, कहारा और अनुमंडलीय अस्पताल गुंदोह का दौरा किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे निजी घरों में हुए नुकसान का आकलन करें और यदि आवश्यक हो तो परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करें।
एसडीएच गुंदोह और कुछ स्कूलों सहित अन्य सरकारी भवनों में विकसित दरारों पर डीसी ने उपमंडल अधिकारियों को सभी भवनों की सुरक्षा ऑडिट करने का निर्देश दिया है। बताया गया कि जिले के किसी भी हिस्से में जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि, भूकंप के तेज झटकों के कारण कुछ घरों/इमारतों में दरारें आ गई हैं।
बताया गया कि पीएचई, बिजली आदि जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए बुनियादी ढांचा बरकरार है। विभागों को जनता को पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने के लिए कहा गया है। बीती रात भी करीब 2:22 पर भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोग दहशत में आ गए और अपने घरों से बाहर निकल गए।
लोगों ने बताया कि दिन के 1:30 बजे बहुत तेज का झटका भूकंप का आया था लेकिन रात के समय सामान्य था। अब तो इन झटकों से अपने ही घर में जाने से डर लग रहा है। मंगलवार को आए भूकंप के झटके ने सबको हिला कर रख दिया है।
इसके चलते उपाय डोडा ने बुधवार को भद्रवाह, ठाठरी और गुंदोह के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया गया था। इस दौरान एसडीएम गुंदोह, एसडीएम ठाठरी, एसई पीडब्ल्यूडी डोडा, एक्सईएनएस, एसडीपीओ गुंदोह और अन्य अधिकारी मौजूद थे।