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Jammu News: प्री-लोक अदालत दो को, आपसी सुलह के मामलों पर होगा विचार
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-आगामी नौ मई को होने वाली लोक अदालत से पहले कवायद, अंतिम निपटारे पर भी होगी चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी की ओर से आगामी दो मई को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में प्री-लोक अदालत होने जा रही है। इस सत्र में नौ मई को होने वाली लोक अदालत में रखे जाने वाले आपसी सुलह के मामलों पर विचार होगा। इसके अलावा कुछ मामलों के अंतिम निपटारे पर भी चर्चा होगी।
कमेटी के सचिव सुनील कुमार के अनुसार सत्र में जो मामले विचार के लिए रखे जाएंगे उनमें नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत चेक से जुड़े मामले, बैंक वसूली के विवाद, श्रम विवाद से जुड़े मामले, बिजली और पानी के बिल से संबंधित मामले शामिल हैं।
नेशनल ज्यूडिशियल डाटा ग्रिड पर दर्ज लंबित मामलों पर भी इस दौरान विचार किया जाएगा। इनमें समझौता योग्य आपराधिक मामले, एनआई एक्ट के तहत चेक से जुड़े मामले, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, बिजली-पानी, श्रम विवाद, बिजली-पानी, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण, वेतन और भत्तों के साथ-साथ सेवानिवृत्ति लाभ, दीवानी मामले जिनमें किराया, सुखाधिकार और निषेधाज्ञा तथा राजस्व मामले शामिल हैं।
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हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी के अनुसार जो भी व्यक्ति लोक अदालत के माध्यम से अपने विवाद का आपसी सुलह से निपटारा चाहता है, वह अपने मामले के ब्योरे (शीर्षक, केस नंबर और सुनवाई की तारीख) के साथ कमेटी के जम्मू अथवा श्रीनगर कार्यालय से संपर्क कर सकता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी की ओर से आगामी दो मई को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में प्री-लोक अदालत होने जा रही है। इस सत्र में नौ मई को होने वाली लोक अदालत में रखे जाने वाले आपसी सुलह के मामलों पर विचार होगा। इसके अलावा कुछ मामलों के अंतिम निपटारे पर भी चर्चा होगी।
कमेटी के सचिव सुनील कुमार के अनुसार सत्र में जो मामले विचार के लिए रखे जाएंगे उनमें नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत चेक से जुड़े मामले, बैंक वसूली के विवाद, श्रम विवाद से जुड़े मामले, बिजली और पानी के बिल से संबंधित मामले शामिल हैं।
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नेशनल ज्यूडिशियल डाटा ग्रिड पर दर्ज लंबित मामलों पर भी इस दौरान विचार किया जाएगा। इनमें समझौता योग्य आपराधिक मामले, एनआई एक्ट के तहत चेक से जुड़े मामले, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, बिजली-पानी, श्रम विवाद, बिजली-पानी, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण, वेतन और भत्तों के साथ-साथ सेवानिवृत्ति लाभ, दीवानी मामले जिनमें किराया, सुखाधिकार और निषेधाज्ञा तथा राजस्व मामले शामिल हैं।
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हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी के अनुसार जो भी व्यक्ति लोक अदालत के माध्यम से अपने विवाद का आपसी सुलह से निपटारा चाहता है, वह अपने मामले के ब्योरे (शीर्षक, केस नंबर और सुनवाई की तारीख) के साथ कमेटी के जम्मू अथवा श्रीनगर कार्यालय से संपर्क कर सकता है।