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Jammu News: महिला शिक्षक के अपहरण और मारपीट मामले में आरोपी बरी
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- अदालत ने कहा, आरोप साबित करने के लिए नहीं मिले पुख्ता सबूत
जम्मू। फास्ट ट्रैक कोर्ट जम्मू ने महिला शिक्षक के अपहरण, बंधक बनाने और मारपीट के मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष कोई ऐसा प्रथमदृष्टया मामला पेश नहीं कर पाया, जिसके आधार पर मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ाई जा सके।
मामला जनवरी 2021 का है, जब एक निजी संस्थान की महिला शिक्षक अचानक लापता हो गई थी। 48 दिन बाद वह बंगलूरू में मिली। महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके परिवार को धमकाकर उसे अपने साथ ले जाने के लिए मजबूर किया, उसका धन हड़प लिया और रास्ते भर उसका उत्पीड़न किया गया। बचाव पक्ष ने दलील दी कि महिला खुद अपनी इच्छा से आरोपी के साथ जम्मू से दिल्ली, गोवा और फिर बंगलूरू गई थी। मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी चोट के निशान नहीं मिले। साथ ही उसके बयानों में विरोधाभास पाया गया और बंधक बनाए जाने के दावे की पुष्टि कोई स्वतंत्र गवाह नहीं कर सका। न्यायाधीश ने कहा कि महिला के आचरण और साक्ष्यों की कमी से मामला कमजोर हो गया है। अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसे हालात में मुकदमे को आगे बढ़ाना निरर्थक होगा। जेएनएफ
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जम्मू। फास्ट ट्रैक कोर्ट जम्मू ने महिला शिक्षक के अपहरण, बंधक बनाने और मारपीट के मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष कोई ऐसा प्रथमदृष्टया मामला पेश नहीं कर पाया, जिसके आधार पर मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ाई जा सके।
मामला जनवरी 2021 का है, जब एक निजी संस्थान की महिला शिक्षक अचानक लापता हो गई थी। 48 दिन बाद वह बंगलूरू में मिली। महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके परिवार को धमकाकर उसे अपने साथ ले जाने के लिए मजबूर किया, उसका धन हड़प लिया और रास्ते भर उसका उत्पीड़न किया गया। बचाव पक्ष ने दलील दी कि महिला खुद अपनी इच्छा से आरोपी के साथ जम्मू से दिल्ली, गोवा और फिर बंगलूरू गई थी। मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी चोट के निशान नहीं मिले। साथ ही उसके बयानों में विरोधाभास पाया गया और बंधक बनाए जाने के दावे की पुष्टि कोई स्वतंत्र गवाह नहीं कर सका। न्यायाधीश ने कहा कि महिला के आचरण और साक्ष्यों की कमी से मामला कमजोर हो गया है। अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसे हालात में मुकदमे को आगे बढ़ाना निरर्थक होगा। जेएनएफ
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