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Jammu News: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रदेश में जांच करने में सीबीआई स्वतंत्र
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हाईकोर्ट ने मेजर जनरल (रि.) वीके शर्मा व किरण शर्मा की याचिका खारिज की
जम्मू। एक महत्वपूर्ण फैसले में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजीव कुमार ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सीबीआई को जम्मू-कश्मीर में सभी अपराधों की जांच करने का अधिकार है और वह इसके लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। न्यायाधीश ने फैसला मेजर जनरल (रिटायर्ड) वीके शर्मा और किरण शर्मा की याचिका खारिज को करते हुए दिया।
न्यायमूर्ति संजीव कुमार ने कहा कि याचिकाकर्ताओं के वकील की दलील को खारिज किया जाता है। जिसमें उसने सीबीआई को जांच के लिए अधिकार क्षेत्र और शक्तियां प्रदान करने के लिए अनिवार्य थी। न्यायाधीश ने कहा कि इस तर्क में कोई दम नहीं है और खारिज करने योग है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि सात मई 1958 के सामान्य सहमति पत्र को पढ़ने से स्पष्ट है, जम्मू-कश्मीर सरकार ने निर्दिष्ट अपराधों की जांच के लिए प्रदेश में शक्तियों और अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करने वाले डीएसपीई/सीबीआई को सहमति दी थी। यह महत्वपूर्ण आदेश एक याचिका में पारित किया गया है। इसमें याचिकाकर्ता केंद्रीय जांच ब्यूरो बनाम वीके शर्मा और विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निरोधक (सीबीआई मामले), जम्मू की अदालत के समक्ष एक आपराधिक मामले में मुकदमे का सामना करने वाले आरोपी हैं। जेएनएफ
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जम्मू। एक महत्वपूर्ण फैसले में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजीव कुमार ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सीबीआई को जम्मू-कश्मीर में सभी अपराधों की जांच करने का अधिकार है और वह इसके लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। न्यायाधीश ने फैसला मेजर जनरल (रिटायर्ड) वीके शर्मा और किरण शर्मा की याचिका खारिज को करते हुए दिया।
न्यायमूर्ति संजीव कुमार ने कहा कि याचिकाकर्ताओं के वकील की दलील को खारिज किया जाता है। जिसमें उसने सीबीआई को जांच के लिए अधिकार क्षेत्र और शक्तियां प्रदान करने के लिए अनिवार्य थी। न्यायाधीश ने कहा कि इस तर्क में कोई दम नहीं है और खारिज करने योग है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि सात मई 1958 के सामान्य सहमति पत्र को पढ़ने से स्पष्ट है, जम्मू-कश्मीर सरकार ने निर्दिष्ट अपराधों की जांच के लिए प्रदेश में शक्तियों और अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करने वाले डीएसपीई/सीबीआई को सहमति दी थी। यह महत्वपूर्ण आदेश एक याचिका में पारित किया गया है। इसमें याचिकाकर्ता केंद्रीय जांच ब्यूरो बनाम वीके शर्मा और विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निरोधक (सीबीआई मामले), जम्मू की अदालत के समक्ष एक आपराधिक मामले में मुकदमे का सामना करने वाले आरोपी हैं। जेएनएफ
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