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साथियों की हत्या में सीआरपीएफ जवान को सात वर्ष का कारावास
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कुलगाम। जिला सत्र न्यायालय ने सीआरपीएफ कर्मी संजय कुमार राय को अपने तीन साथियों की हत्या में सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा एक साथी की हत्या के प्रयास में भी तीस हजार का जुर्माना व एक साल की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। संजय उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के लालगंज का रहने वाला है।
जिला सत्र न्यायाधीश मो. अशरफ मलिक ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान संजय को अपने तीन साथियों की हत्या व एक अन्य की हत्या के प्रयास के मामले में लंबी सुनवाई के बाद दोषी पाया है। संजय पर आरोप था कि उसने 24 दिसंबर 2011 को कुलगाम में सीआरपीएफ की 18वीं बटालियन जहां वह तैनात था। रात के समय खाना खाने के बाद जब सभी सोने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान किसी बात पर विवाद होने के बाद अपनी सर्विस राइफल से अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इसमें साथी कर्मचारियों जावेद हुसैन, सोमन पिल्लै और पी सोमू की मौत हो गई थी। जबकि एक अन्य साथी एसपी मूर्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। संजय को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। वर्ष 2012 में इस मामले में पुलिस ने आरोप पत्र दाखिला किया था। लंबी बहस के बाद 13 जून 2020 को संजय को दोषी ठहराया गया था। 24 जून को उसकी सजा पर बहस पूरी हुई थी।
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जिला सत्र न्यायाधीश मो. अशरफ मलिक ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान संजय को अपने तीन साथियों की हत्या व एक अन्य की हत्या के प्रयास के मामले में लंबी सुनवाई के बाद दोषी पाया है। संजय पर आरोप था कि उसने 24 दिसंबर 2011 को कुलगाम में सीआरपीएफ की 18वीं बटालियन जहां वह तैनात था। रात के समय खाना खाने के बाद जब सभी सोने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान किसी बात पर विवाद होने के बाद अपनी सर्विस राइफल से अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इसमें साथी कर्मचारियों जावेद हुसैन, सोमन पिल्लै और पी सोमू की मौत हो गई थी। जबकि एक अन्य साथी एसपी मूर्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। संजय को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। वर्ष 2012 में इस मामले में पुलिस ने आरोप पत्र दाखिला किया था। लंबी बहस के बाद 13 जून 2020 को संजय को दोषी ठहराया गया था। 24 जून को उसकी सजा पर बहस पूरी हुई थी।
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