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गुलमर्ग भूमि घाटोले में कोर्ट में पूरक चार्जशीट दायर
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जम्मू। बहुचर्चित गुलमर्ग भूमि घोटाले में दो आईएएस अफसरों समेत 20 आरोपियाें की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो ने अनुपूरक आरोपपत्र दाखिल कर ब्यूरो के विशेष जज के समक्ष कहा है कि पहले की गई जांच को ब्यूरो पुष्ट करता है। यह मामला रोशनी घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश किए हैं।
एसीबी के आरोपपत्र पर कोर्ट ने आदेश दिया था कि जांच में कुछ दस्तावेज और संदिग्ध सामग्री शामिल हैं। पता लगाएं कि इन दस्तावेजों और सामग्री का मामले पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। इस पर एसीबी ने दोबारा जांच करके अनुपूरक आरोप पत्र में बताया है कि पहले की गई जांच और उससे जुड़े दस्तावेज की पुष्टि की जाती है। इससे आरोपियों का जुर्म साबित करने में दिक्कत नहीं आएगी। 10 जून को बारामुला के स्पेशल जज ने चार महीनों में जांच पूरी करने के बाद अनुपूरक आरोपपत्र दाखिल करने का आदेश दिया था। ब्यूरो/जेएनएफ
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आरोपियों में पूर्व व वर्तमान नौकरशाह भी शामिल
कश्मीर के पूर्व मंडलायुक्त व बारामुला के पूर्व जिला उपायुक्त समेत अफसरों व होटल कारोबारियों को मिलाकर कुल 20 लोगों पर एफआईआर की गई थी। इसमें कश्मीर के तत्कालीन मंडलायुक्त आईएएस महबूब इकबाल, उस समय रहे बारामुला के जिला उपायुक्त बसीर अहमद खान, एडीसी फारूक शाह, तहसीलदार गरीब सिंह, नायब तहसीलदार गुलाम मोहिउद्दीन, कश्मीर के बड़े होटल मालिक मुश्ताक अहमद, मुश्ताक अहमद बुर्जा, मंजूर अहमद खान, मोहम्मद इब्राहिम और गुलाम हसन समेत अन्य नाम शामिल हैं। आरोप है कि इन अफसरों ने होटल मालिकों को सस्ते में सरकारी जमीन दे दी। जिस पर होटल मालिकों ने बड़े बड़े होटल बनाए। कश्मीर एंटी करप्शन ब्यूरो मामले की जांच कर रही है।
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एसीबी के आरोपपत्र पर कोर्ट ने आदेश दिया था कि जांच में कुछ दस्तावेज और संदिग्ध सामग्री शामिल हैं। पता लगाएं कि इन दस्तावेजों और सामग्री का मामले पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। इस पर एसीबी ने दोबारा जांच करके अनुपूरक आरोप पत्र में बताया है कि पहले की गई जांच और उससे जुड़े दस्तावेज की पुष्टि की जाती है। इससे आरोपियों का जुर्म साबित करने में दिक्कत नहीं आएगी। 10 जून को बारामुला के स्पेशल जज ने चार महीनों में जांच पूरी करने के बाद अनुपूरक आरोपपत्र दाखिल करने का आदेश दिया था। ब्यूरो/जेएनएफ
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आरोपियों में पूर्व व वर्तमान नौकरशाह भी शामिल
कश्मीर के पूर्व मंडलायुक्त व बारामुला के पूर्व जिला उपायुक्त समेत अफसरों व होटल कारोबारियों को मिलाकर कुल 20 लोगों पर एफआईआर की गई थी। इसमें कश्मीर के तत्कालीन मंडलायुक्त आईएएस महबूब इकबाल, उस समय रहे बारामुला के जिला उपायुक्त बसीर अहमद खान, एडीसी फारूक शाह, तहसीलदार गरीब सिंह, नायब तहसीलदार गुलाम मोहिउद्दीन, कश्मीर के बड़े होटल मालिक मुश्ताक अहमद, मुश्ताक अहमद बुर्जा, मंजूर अहमद खान, मोहम्मद इब्राहिम और गुलाम हसन समेत अन्य नाम शामिल हैं। आरोप है कि इन अफसरों ने होटल मालिकों को सस्ते में सरकारी जमीन दे दी। जिस पर होटल मालिकों ने बड़े बड़े होटल बनाए। कश्मीर एंटी करप्शन ब्यूरो मामले की जांच कर रही है।
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