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जम्मू की तुलना में श्रीनगर के नागरिक कोविड से लड़ने में अधिक सक्षम
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जम्मू। जम्मू की तुलना में श्रीनगर के नागरिक कोरोना से लड़ने में अधिक सक्षम पाए गए हैं। श्रीनगर जीएमसी द्वारा श्रीनगर में किए गए सिरो सर्वे की प्रारंभिक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। सर्वे में श्रीनगर से 2361 लोगों के खून के सैंपल लिए गए, जिसमें 40.6 फीसदी के हिसाब से 959 लोगों में आईजीजी (इम्यूनो ग्लोबलेन्स ग्लोबोलिन) एंटीबाडीज पाई गई। जबकि गत दिनों जम्मू में किए गए सिरो सर्वे में सिर्फ 8.2 फीसदी लोगों में ही एंटीबाडीज पाई गई थीं, जबकि 92 फीसदी लोग अभी संक्रमण की चपेट में आए ही नहीं थे।
प्रदेश के सभी जिलों में क्रमवार तरीके से सिरो सर्वे करवाए जा रहे हैं। इसमें आईजीजी एंटीबाडीज की क्षमता के मुताबिक भविष्य की कोरोना चिकित्सा देखभाल के लिए रणनीति बनाई जानी है। जम्मू जिले में सिरो सर्वे के लिए 10 ब्लाक और शहरी क्षेत्र से 2000 लोगों के खून के सैंपल लिए गए थे। इन सर्वे में अधिकतर एंटीबाडीज बनाने वाले 80 फीसदी लोगों को पता ही नहीं होता है कि वे संक्रमित होकर ठीक भी हो गए। इन लोगों की शारीरिक क्षमता मजबूत होती है और उनके शरीर ने कोविड से लड़ने के लिए एंटीबाडीज विकसित हो जाती है।
केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर प्रशासन को त्योहारी सीजन और आगामी सर्दियों को देखते हुए कोविड एडवाइजरी जारी की है। इसमें बेड, आक्सीजन, स्टाफ सहित अन्य दूसरी चिकित्सा उपकरणों को पर्याप्त मात्रा में तैयार रखने के लिए कहा गया है। त्योहारी सीजन में बाजारों में भीड़ के बीच कोविड प्रोटोकाल में सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ रही हैं। कोविड विशेषज्ञों का कहना है कि भीड़ के बीच संक्रमण का प्रसार होने की आशंका है और इसके परिणाम अगले 15 दिन में देखने को मिलेंगे। दूसरी लहर में बड़ी संख्या में लोग कोविड संक्रमित हो सकते हैं। खासतौर पर मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय आदि बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए यह हालात गंभीर हैं।
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प्रदेश के सभी जिलों में क्रमवार तरीके से सिरो सर्वे करवाए जा रहे हैं। इसमें आईजीजी एंटीबाडीज की क्षमता के मुताबिक भविष्य की कोरोना चिकित्सा देखभाल के लिए रणनीति बनाई जानी है। जम्मू जिले में सिरो सर्वे के लिए 10 ब्लाक और शहरी क्षेत्र से 2000 लोगों के खून के सैंपल लिए गए थे। इन सर्वे में अधिकतर एंटीबाडीज बनाने वाले 80 फीसदी लोगों को पता ही नहीं होता है कि वे संक्रमित होकर ठीक भी हो गए। इन लोगों की शारीरिक क्षमता मजबूत होती है और उनके शरीर ने कोविड से लड़ने के लिए एंटीबाडीज विकसित हो जाती है।
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केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर प्रशासन को त्योहारी सीजन और आगामी सर्दियों को देखते हुए कोविड एडवाइजरी जारी की है। इसमें बेड, आक्सीजन, स्टाफ सहित अन्य दूसरी चिकित्सा उपकरणों को पर्याप्त मात्रा में तैयार रखने के लिए कहा गया है। त्योहारी सीजन में बाजारों में भीड़ के बीच कोविड प्रोटोकाल में सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ रही हैं। कोविड विशेषज्ञों का कहना है कि भीड़ के बीच संक्रमण का प्रसार होने की आशंका है और इसके परिणाम अगले 15 दिन में देखने को मिलेंगे। दूसरी लहर में बड़ी संख्या में लोग कोविड संक्रमित हो सकते हैं। खासतौर पर मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय आदि बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए यह हालात गंभीर हैं।
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