{"_id":"60a0185b8ebc3e96fc0d837a","slug":"corona-akhnoor-news-jmu2353547117","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीण क्षेत्र में ही पांच लोगों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीण क्षेत्र में ही पांच लोगों की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अखनूर। सीमावर्ती क्षेत्रों में कस्बों की बजाय ग्रामीण क्षेत्रों कोविड-19 में संक्रमित मामले की संख्या में दिनों दिन बढ़ोतरी हो रही है। जिस पर कई पंचायतों में टेस्टिंग के दौरान बड़ी संख्या में संक्रमित मामले समाने आए हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में ही पांच लोगों की मौत हो गई है।
जानकारी के अनुसार कोरोना की दूसरी लहर महामारी का रूप ले चुकी है। इसमें कस्बों के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड संक्रमित मामले ज्यादा हैं। गांव गडराबां में एक महिला की मौत के साथ टेस्टिंग में 22 मामले सामने आए। गांव मुट्ठी मैरा में 17 एक साथ मामले और चक में दो दिन में एक साथ 15 मामले आए हैं। क्षेत्र की दूरदराज पंचायतों में भी बड़ी संख्या में सक्रिय मामले हैं। जो क्षेत्र के लोग जागरूक नहीं होने पर टेस्टिंग नहीं कराया रहे हैं और न ही अस्पताल में उपचार के लिए आ रहे हैं। पिछले दिनों ही एसडीएम चांद किशोर शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में टेस्टिंग में तेजी लाने पर निर्देश जारी किए थे।
ग्रामीण रामपाल ने बताया शहरों के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रांति मामले ज्यादा है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को टेस्टिंग बढ़ाने चाहिए ताकि संक्रांति लोगों की पहचान के साथ उपचार किया जा सके। रतनलाल ने बताया ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या के लोग संक्रांति है। प्रशासन को घर-घर जा करके ग्रामीणों की पहचान की जाए। एसडीएम चांद किशोर शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में टेस्टिंग में तेजी लाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार कोरोना की दूसरी लहर महामारी का रूप ले चुकी है। इसमें कस्बों के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड संक्रमित मामले ज्यादा हैं। गांव गडराबां में एक महिला की मौत के साथ टेस्टिंग में 22 मामले सामने आए। गांव मुट्ठी मैरा में 17 एक साथ मामले और चक में दो दिन में एक साथ 15 मामले आए हैं। क्षेत्र की दूरदराज पंचायतों में भी बड़ी संख्या में सक्रिय मामले हैं। जो क्षेत्र के लोग जागरूक नहीं होने पर टेस्टिंग नहीं कराया रहे हैं और न ही अस्पताल में उपचार के लिए आ रहे हैं। पिछले दिनों ही एसडीएम चांद किशोर शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में टेस्टिंग में तेजी लाने पर निर्देश जारी किए थे।
विज्ञापन
ग्रामीण रामपाल ने बताया शहरों के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रांति मामले ज्यादा है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को टेस्टिंग बढ़ाने चाहिए ताकि संक्रांति लोगों की पहचान के साथ उपचार किया जा सके। रतनलाल ने बताया ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या के लोग संक्रांति है। प्रशासन को घर-घर जा करके ग्रामीणों की पहचान की जाए। एसडीएम चांद किशोर शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में टेस्टिंग में तेजी लाई जाएगी।
विज्ञापन