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सड़कों के निर्माण और लागत मूल्य का केंद्रीय संस्थान से हो ऑडिट: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

Thu, 10 Dec 2020 04:22 PM IST
प्रशांत कुमार जेएनएफ, जम्मू
जेएनएफ, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 10 Dec 2020 04:22 PM IST
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Construction of roads and cost price to be audited by central institute said Jammu and Kashmir High Court
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को सड़क परियोजनाओं के निर्माण और विभाग द्वारा दिए गए लागत अनुमान का केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) नई दिल्ली से ऑडिट कराने के आदेश दिए हैं। सड़क परियोजना से जुड़ी चुनौती याचिका को खारिज करते हुए यह आदेश कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल ने दिया। कोर्ट ने कहा कि यहां एक नहीं, सभी विभागाें की कार्यप्रणाली ऐसी ही है। जम्मू-कश्मीर में मुकदमेबाजी में जवाब और आपत्तियां दर्ज कराने में विभाग ढिलाई बरत रहे हैं। अत्यधिक देरी होने से राजकोषीय नुकसान होता है।

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याचिका पर कोर्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत उधमपुर जिले के पंचैरी ब्लॉक में खोरगली से रदनोत सड़क निर्माण के लिए 10 फरवरी 2018 को बोली दी गई थी। इसे रद्द कर देरी के लिए जिम्मेवार विभाग के अफसरोें पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
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कोर्ट ने कहा कि ऐसे कई मामले लंबित हैं जिनमें विभागों ने दशकों से याचिका के निपटारे के लिए समय से जवाब दाखिल नहीं किया है। इस देरी से परियोजनाएं लटक जाती हैं। देरी का सीधा असर निर्माण की रफ्तार और गुणवत्ता पर पड़ता है।

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कोर्ट ने कहा कि कई मामलों में देखा गया है कि परियोजनाओं में पांच से दस साल की देरी होने पर भी कई बार ठेकेदार बरसों पुरानी लागत पर ही काम करने को तैयार हो जाते हैं। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि यह कैसे मुमकिन हो पाता है।

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