जम्मू-कश्मीर में बड़े आतंकी हमले का साजिश, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
जम्मू में पहली बार किसी पुलिसकर्मी पर हमला कर शनिवार को एके 47 रायफल छीना जाना एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। इस मामले में अब तक दो हमलावर पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। मुख्य सरगना सहित दो हमलावर अब भी फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए सभी थानों को फोटो भेजते हुए अलर्ट किया गया है।
साथ ही जम्मू संभाग के सभी प्रमुख स्थानों, मंदिरों, हाईवे तथा प्रधानमंत्री के उधमपुर में दो अप्रैल को प्रस्तावित रैली स्थल के आस-पास सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार पूछताछ में जुटी हुई हैं। उनके यहां के ठिकाने तथा शरणदाताओं का भी पता लगाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की आशंका से भी इनकार नहीं कर रही हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को घटना के बाद पुलिस ने मकसूद नाम के युवक को पकड़ लिया था। रविवार को नगरोटा में नाके पर चेकिंग के दौरान टवेरा वाहन में श्रीनगर की तरफ जाते एक अन्य हमलावर शाहिद को भी पकड़ लिया गया। हथियार छीनने की घटना का मास्टर माइंड आमिर फरार है।
कई पहलुओं से जांच कर रही हैं एजेंसियां
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि आमिर ने इन तीनों के साथ मिलकर रायफल छीनने की साजिश की थी। वे इसी काम के लिए शोपियां से जम्मू आए थे। पकड़े गए हमलावरों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि रायफल छीनकर किस घटना को अंजाम देना था या क्या साजिश थी।
डीएसपी निखिल रसगोत्रा का कहना है कि पुलिस मामले में हर पहलू को लेकर जांच कर रही है। अभी तक दो पकड़े गए हैं। बाकी की तलाश में गहन जांच की जा रही है। सब जगह अलर्ट किया गया है।
रायफल छीनने के पीछे कश्मीर में बैंक लूट की घटना को अंजाम देना हो सकता है। यह भी संभव है कि फरार आमिर का आतंकियों से कोई लिंक हाल के दिनों में जुड़ा हो। इसलिए रायफल छीनने के बाद आतंकी हमले की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। यह गन आमिर के पास है। एक अन्य आरोपी पुलवामा जिले का बताया जाता है।