'अभी तक नहीं चल पा रहा है अपनों का पता'
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नेपाल में आए भूकंप के बाद की मची तबाही का असर कम होने का नाम नहीं ले रहा। हालात ऐसे बन चुके हैं कि रियासत के लोग वहां से संपर्क नहीं कर पा रहे। तकनीकी ढांचा क्षतिग्रस्त हो चुका है।
संचार, रेडियो और टेलीविजन सुविधा बंद है, जिससे कोई जानकारी नहीं पहुंच पा रही। रियासत में अब तक पांच लोगों के नेपाल में मरने या फिर घायल या लापता होने की सूचना है, लेकिन आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है, क्योंकि हेल्पलाइन नंबर तो दिए गए हैं, लेकिन वहां संपर्क नहीं हो पा रहा।
अब तक राज्य के मीरां साहिब के सुजान सिंह और परविंदर सिंह की नेपाल में भूकंप में मौत होने का मामला सामने आया है। इसके अलावा गोरखा नगर के दो सगे भाइयों के लापता होने की खबर सामने आई थी।
इनमें से एक का पता चल चुका है और वह सलामत है। घाटी के तीन युवकों के काठमांडू में घायल होने की जानकारी भी है।
शव लाने को एयर इंडिया से हो रही बात
मंडलायुक्त पवन कोतवाल का कहना है कि अब तक गोरखा नगर और मीरां साहिब के मामले ही सामने आए हैं। नेपाल में तकनीकी ढांचा प्रभावित हुआ है। रियासत के कई लोग वहां हो सकते हैं, लेकिन उनका संपर्क नहीं हो पा रहा। मीरां साहिब के दो लोगों के शव भी अभी जम्मू नहीं पहुंचे हैं।
इसके लिए एयर इंडिया से लगातार बात की जा रही है। दिल्ली में जम्मू के गृह आयुक्त से भी बात की गई है। अब तक नेपाल में घायल लोगों को निकालने को प्राथमिकता दी जा रही है। मंगलवार को दोनों के शव दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। एयर इंडिया की मदद से इनके शव जम्मू पहुंचाए जाएंगे।
हेल्पलाइन में कोई मामला नहीं आया
एसएसपी जम्मू उत्तम चंद ने कहा कि नेपाल में राज्य के लोगों के लिए हेल्पलाइन के नंबर दिए गए हैं। यहां फिलहाल किसी और व्यक्ति ने संपर्क नहीं किया है। कोई नया मामला सामने नहीं आया।
कुछ लोग आए हैं लौट कर
जिला उपायुक्त, अजीत कुमार साहु का कहना है कि कुछ लोग नेपाल से लौटकर राज्य में आए हैं, लेकिन उनका पता नहीं चल पाया है। यदि कोई भी शख्स नेपाल में सहायता चाहता होगा, तो सरकार उसकी पूरी सहायता करेगी।