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Jammu News: जम्मू को नशामुक्त करने के लिए 990 नशा निगरानी समितियां संभालेंगी मोर्चा
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जिला मजिस्ट्रेट डॉ. राकेश मिन्हास। स्रोत-सूचना
- फोटो : samvad
- डीसी के आदेश, गांव-वार्ड स्तर पर समुदाय की भागीदारी से चलेगा अभियान
- पहचान से लेकर इलाज तक मदद का सिस्टम तैयार
- बेहतर प्रदर्शन करने वाली समितियों के लिए ‘नशा मुक्त युवा सम्मान’ की घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नशे की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। नशे के विरुद्ध युद्ध को और धार देते हुए निगरानी बढ़ाने के लिए 990 नशा निगरानी समितियों का गठन किया है। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. राकेश मिन्हास ने सभी गांवों और वार्डों में ‘नशा निगरानी समितियां’ गठित करने के आदेश जारी किए हैं। यह पहल उपराज्यपाल के 100-दिवसीय नशा-विरोधी अभियान का हिस्सा है।
इन समितियों में स्थानीय जिम्मेदार नागरिकों को शामिल किया जाएगा, जो समुदाय आधारित निगरानी और सहायता तंत्र के रूप में काम करेंगे। समितियों की चार मुख्य जिम्मेदारियां तय की गई हैं। ये समितियां नशे की पहचान और निगरानी, प्रभावित लोगों को रेफरल व पारिवारिक सहयोग, जागरूकता अभियान चलाना और साप्ताहिक रिपोर्ट तैयार करना।
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नशीले पदार्थों की बिक्री पर रहेगी नजर
समितियां अपने-अपने क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की बिक्री पर नजर रखेंगी। नशे के लक्षण दिखाने वाले लोगों की पहचान करेंगी और एक गोपनीय रजिस्टर भी तैयार करेंगी। साथ ही हर सप्ताह कम से कम एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं और अभिभावकों को नशे के खतरे से आगाह किया जाएगा।
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डीसी कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया
सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई के लिए उपायुक्त कार्यालय के आपातकालीन संचालन केंद्र में एक जिला नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। ब्लॉक विकास अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि उप-विभागीय मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक नियमित समीक्षा करेंगे।
बेहतर प्रदर्शन करने वाली समितियों और सदस्यों को गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘नशा मुक्त युवा सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा।
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हर गांव को नशा मुक्त करने का लक्ष्य
डीसी डा. राकेश मिन्हास ने बताया कि प्रशासन ने लक्ष्य रखा है कि अगले 90 दिनों के भीतर हर गाँव को “नशा-मुक्त गांव” घोषित किया जाए। इसके तहत समितियां प्रभावित परिवारों के लिए पहला संपर्क केंद्र बनेंगी और उन्हें बिना किसी भेदभाव के नजदीकी उपचार केंद्रों या ब्लॉक पीएचसी तक पहुंचाने में मदद करेंगी। जिला मजिस्ट्रेट ने आम जनता से इस पहल में सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही जम्मू को नशा-मुक्त बनाया जा सकता है।
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- पहचान से लेकर इलाज तक मदद का सिस्टम तैयार
- बेहतर प्रदर्शन करने वाली समितियों के लिए ‘नशा मुक्त युवा सम्मान’ की घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नशे की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। नशे के विरुद्ध युद्ध को और धार देते हुए निगरानी बढ़ाने के लिए 990 नशा निगरानी समितियों का गठन किया है। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. राकेश मिन्हास ने सभी गांवों और वार्डों में ‘नशा निगरानी समितियां’ गठित करने के आदेश जारी किए हैं। यह पहल उपराज्यपाल के 100-दिवसीय नशा-विरोधी अभियान का हिस्सा है।
इन समितियों में स्थानीय जिम्मेदार नागरिकों को शामिल किया जाएगा, जो समुदाय आधारित निगरानी और सहायता तंत्र के रूप में काम करेंगे। समितियों की चार मुख्य जिम्मेदारियां तय की गई हैं। ये समितियां नशे की पहचान और निगरानी, प्रभावित लोगों को रेफरल व पारिवारिक सहयोग, जागरूकता अभियान चलाना और साप्ताहिक रिपोर्ट तैयार करना।
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नशीले पदार्थों की बिक्री पर रहेगी नजर
समितियां अपने-अपने क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की बिक्री पर नजर रखेंगी। नशे के लक्षण दिखाने वाले लोगों की पहचान करेंगी और एक गोपनीय रजिस्टर भी तैयार करेंगी। साथ ही हर सप्ताह कम से कम एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं और अभिभावकों को नशे के खतरे से आगाह किया जाएगा।
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डीसी कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया
सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई के लिए उपायुक्त कार्यालय के आपातकालीन संचालन केंद्र में एक जिला नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। ब्लॉक विकास अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि उप-विभागीय मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक नियमित समीक्षा करेंगे।
बेहतर प्रदर्शन करने वाली समितियों और सदस्यों को गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘नशा मुक्त युवा सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा।
हर गांव को नशा मुक्त करने का लक्ष्य
डीसी डा. राकेश मिन्हास ने बताया कि प्रशासन ने लक्ष्य रखा है कि अगले 90 दिनों के भीतर हर गाँव को “नशा-मुक्त गांव” घोषित किया जाए। इसके तहत समितियां प्रभावित परिवारों के लिए पहला संपर्क केंद्र बनेंगी और उन्हें बिना किसी भेदभाव के नजदीकी उपचार केंद्रों या ब्लॉक पीएचसी तक पहुंचाने में मदद करेंगी। जिला मजिस्ट्रेट ने आम जनता से इस पहल में सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही जम्मू को नशा-मुक्त बनाया जा सकता है।