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J&K में 5वीं बार गठबंधन सरकार: घाटी को पसंद आया राहुल-अब्दुल्ला का साथ, PDP को झटका; BJP का बढ़ा मत प्रतिशत

Tue, 08 Oct 2024 10:47 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 08 Oct 2024 10:47 PM IST
सार

विधानसभा चुनाव में भाजपा को सबसे अधिक मत मिले, लेकिन नेकां से उसकी सीट काफी कम रहीं। भाजपा को 1987 के बाद साढ़े तीन दशक में सबसे अधिक 25.63 फीसदी मत मिले।

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Coalition government for the 5th time in Jammu kashmir PDP suffered a setback BJP vote percentage increased
उमर अब्दुल्ला - फोटो : एएनआई

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद हुए विधानसभा चुनाव में राहुल-अब्दुल्ला का साथ लोगों को रास आया। अनुच्छेद 370 व 35ए हटने के बाद केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पहली सरकार बनाने से भाजपा चूक गई और प्रदेश में 1987 के बाद पांचवीं बार गठबंधन सरकार का रास्ता साफ हुआ।

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90 सदस्यीय विधानसभा में नेकां 42 सीटें लेकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, जबकि गठबंधन सहयोगी कांग्रेस को मात्र छह सीटें ही मिल सकीं। भाजपा 29 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनने में कामयाब रही। 2014 में 28 सीटें जीतने वाली पीडीपी मात्र तीन पर सिमट गई। सात निर्दलीय जीतने में कामयाब रहे। कम्युनिस्ट पार्टी अपना गढ़ कुलगाम में बचाने में सफल रही।

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गठबंधन का कांग्रेस को नहीं मिला लाभ
खास यह रहा कि चुनाव पूर्व नेकां-कांग्रेस गठबंधन में शामिल कांग्रेस को गठबंधन का विशेष लाभ नहीं रहा। 2014 के चुनाव से उसकी न केवल सीटें घटीं बल्कि मत प्रतिशत भी घट गया। कांग्रेस ने 2014 में 18.01 फीसदी मत प्रतिशत के साथ 12 सीटें हासिल की थीं, जबकि इस चुनाव में उसे सात सीटें मिलीं और मत प्रतिशत भी गिरकर 11.97 प्रतिशत रह गया।

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भाजपा का सबसे अधिक मत प्रतिशत, पर सीटें मिलीं कम
विधानसभा चुनाव में भाजपा को सबसे अधिक मत मिले, लेकिन नेकां से उसकी सीट काफी कम रहीं। भाजपा को 1987 के बाद साढ़े तीन दशक में सबसे अधिक 25.63 फीसदी मत मिले। 2014 में जब भाजपा को 25 सीटें मिलीं तब भी मत प्रतिशत 22.98 फीसदी ही था। इसके विपरीत नेकां को मौजूदा चुनाव में 23.44 फीसदी मत पड़े और उसने 42 सीटें झटक लीं।

भाजपा का साथ पड़ा भारी, पीडीपी को भारी झटका
दस साल बाद हुए विधानसभा चुनाव में पीडीपी को भारी झटका लगा। 2014 में भाजपा के साथ सरकार बनाने की उसे भारी कीमत चुकानी पड़ी। खुद चुनाव से दूर रहकर महबूबा मुफ्ती ने अपनी बेटी इल्तिजा पर दांव लगाया था, लेकिन यह दांव भी उल्टा पड़ा और उन्हें हार का सामना करना पड़ा। पीडीपी का मत प्रतिशत भी गिरकर 8.87 फीसदी रह गया, जो 2014 के चुनाव में 22.67 प्रतिशत था। 2014 में पीडीपी को 28 सीटें मिली थीं।

दूसरी बार उमर बन सकते हैं सीएम
नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला दूसरी बार सीएम बन सकते हैं। इससे पहले 2008 में उन्होंने प्रदेश की कमान संभाली थी। छह साल बाद 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में नेकां को हार का सामना करना पड़ा था और प्रदेश में पीडीपी-भाजपा गठबंधन की सरकार बनी थी। इससे पहले लोकसभा चुनाव में उमर को बारामुला सीट पर हार का सामना करना पड़ा था। जेल में बंद इंजीनियर रशीद के हाथों उन्हें भारी मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था।

आप का खुला खाता
आम आदमी पार्टी ने पहली बार जम्मू-कश्मीर में विधानसभा की एक सीट जीतकर सबको आश्चर्य में डाल दिया।आम आदमी पार्टी 0.52 फीसदी मतों के साथ डोडा की सीट जीतने में कामयाब रही।
 

पार्टियों का मत प्रतिशत
पार्टी 2014 2024
नेकां 20.77 23.43
कांग्रेस 18.01 11.97
पीडीपी 22.67 8.87
भाजपा 22.98 25.64

पार्टियों को मिलीं सीटें
पार्टी 2014 2024
नेकां 15 42
कांग्रेस 12 06
पीडीपी 28 03
भाजपा 25 29

 

1987 से गठबंधन की पांचवीं सरकार
1987 में एनसी-कांग्रेस गठबंधन की सरकार तीन साल ही चली
2002 में कांग्रेस-पीडीपी की तीन-तीन साल सरकार बनी।
2008 में नेकां-कांग्रेस फिर साथ आई। छह साल उमर के नेतृत्व में सरकार चली
2014 में पीडीपी-भाजपा की सरकार बनी। जून 2018 में भाजपा के समर्थन वापसी से
2024 में नेकां-कांग्रेस गठबंधन सरकार बनने की उम्मीद
 

जो प्रमुख चेहरे जीते
उमर अब्दुल्ला नेकां दो सीटों पर जीते
मो. युसूफ तारिगामी
देवेंद्र सिंह राणा
शगुन परिहार
 

जो प्रमुख चेहरे हारे
ताराचंद (पूर्व उप मुख्यमंत्री)
मुजफ्फर हुसैन बेग (पूर्व उप मुख्यमंत्री)
रमण भल्ला (कांग्रेस नेता)
इल्तिजा मुफ्ती (महबूबा मुफ्ती की बेटी)
जीएम सरूरी (इंद्रवल से चार बार रहे विधायक)

सेनापतियों का हाल
रवींद्र रैना- भाजपा अध्यक्ष- हारे
अल्ताफ बुखारी- अपनी पार्टी- हारे
तारिक हमीद कर्रा- कांग्रेस- जीते
सज्जाद गनी लोन- पीपुल्स कांफ्रेंस- जीते
 

सबसे बड़ी जीत
देवेंद्र सिंह राणा (भाजपा)-नगरोटा-30472 वोटों के अंतर से नेकां प्रत्याशी से जीत
सुरजीत सिंह सलाथिया (भाजपा)-सांबा-30309 वोटों के अंतर से नेकां प्रत्याशी से जीत
जीए मीर (कांग्रेस)-डोरू अनंतनाग-29728 वोटों के अंतर से पीडीपी प्रत्याशी को हराया

कम वोटों से जीत
शगुन परिहार (भाजपा)-किश्तवाड़-521 मतों के अंतर से नेकां प्रत्याशी सज्जाद अहमद किचलू को हराया
रफीक अहमद मलिक (पीडीपी)-त्राल-460 वोटों के अंतर से कांग्रेस प्रत्याशी सुरिंदर सिंह को हराया
सज्जाद गनी लोन (पीपुल्स कांफ्रेंस)-हंदवाड़ा-662 वोटों के अंतर से नेकां प्रत्याशी चौधरी मोहम्मद रमजान से जीते

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