चीन ने चुमार में क्यों भेजे 500 सैनिक?
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भारत दौरे पर आए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बृहस्पतिवार को हुई शिखर वार्ता से पहले लेह के चुमार सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी घुसपैठ के कारण बना तनाव और गहरा गया।
चुमार में भारतीय सेना से इलाका खाली करने की मांग वाले बैनर के साथ और चीनी सैनिक घुस आए हैं। हालांकि दोनों देश की सेना एक-दूसरे से 200 मीटर की दूरी पर है।
सूत्रों के मुताबिक भारतीय सेना ने रविवार को चुमार सेक्टर के भारतीय इलाके में चीनी निर्माण कार्य पर आपत्ति करते हुए काम रुकवा दिया और मौके पर अपनी मौजूदगी और मजबूत कर ली थी।
फ्लैग मीटिंग में भी नहीं निकला समस्या का हल
इस विवाद पर दोनों देश की सेना अब तक दो फ्लैग मीटिंग कर चुकी है। बुधवार को चली मैराथन बैठक में समाधान की दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई। बुधवार को भी इलाके में और चीनी जवान घुस आए थे।
सूत्रों ने बताया कि वर्तमान में चुमार में करीब 500 चीनी जवान मौजूद हैं। भारतीय जवानों की संख्या भी करीब-करीब इतनी ही है। चुमार लेह से करीब 300 किमी उत्तर-पूर्व में हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित है।
चीनी सेना पिछले कुछ समय से इस इलाके में भारत की बढ़त खत्म करने की लगातार कोशिश कर रही है। वह लगातार चुमार को चीनी क्षेत्र करार देती आई है लेकिन भारतीय सेना हर बार उन्हें पीछे धकेलती रही है।
डेमचक में स्थिति जस की तस
सूत्रों ने बताया कि चीनी सेना एलएसी के उस पार अपने इलाके में सैन्य कार्यों को भी अंजाम दे रही है। जबकि दोनों देशों के बीच समझौते के अनुसार कोई भी पक्ष दूसरे को सूचित किए बिना ऐसा कार्य नहीं कर सकता।
उधर, लद्दाख के डेमचक इलाके में चीनी खानाबदोश जाति ‘रेबोस’ के घुसने और भारतीय क्षेत्र में चल रहे नहर निर्माण कार्य को रुकवाने की कोशिश के कारण तनाव की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक चीनी सेना के सहयोग से उसके नागरिक भारतीय इलाके में करीब 500 मीटर तक अंदर आ गए हैं। वे मनरेगा के तहत बन रही नहर के काम को रुकवाने के लिए डेरा डाले हुए हैं।