किश्तवाड़..किस्मत और बर्बादी: हादसे में माता-पिता से बिछड़ा मासूम, कोई पहचानता है इस बच्चे को? हेल्पलाइन जारी
Cloudburst in Kishtwar News: डॉक्टरों का कहना है कि बच्चा शारीरिक रूप से सुरक्षित है। ऐसे में अमर उजाला कि अपने पाठकों से ये अपील है कि अगर कोई इस मासूम को पहचानता है या उसके रिश्तेदार हैं, तो आगे आएं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में चिशोती गांव में बादल फटने से मची तबाही में अब तक 46 लोगों की जान चली गई। इस दुखद घटना में एक मासूम बच्चा भी अपनी मां-बाप से बिछड़ गया। हालांकि यह बच्चा सुरक्षित है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन उसके माता-पिता के बारे में कुछ भी पता नहीं चल पा रहा है। अब यह बच्चा अपनों से अलग हो गया है।
रिश्तेदारों तक पहुंचाने की कोशिश
इस बच्चे की तस्वीर सामने आई है, जिसमें वह अस्पताल में लेटा हुआ दिखाई दे रहा है। उसकी आंखों में दर्द और बेबसी साफ झलक रही है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चा शारीरिक रूप से सुरक्षित है। ऐसे में अमर उजाला कि अपने पाठकों से ये अपील है कि अगर कोई इस मासूम को पहचानता है या उसके रिश्तेदार हैं, तो आगे आएं। इसके लिए हेल्प लाइन नंबर पर संपर्क सकते हैं। प्रशासन ने जरूरी नंबर भी जारी कर दिए हैं।
हेल्प लाइन नंबर जारी
प्रशासन ने गुलाबगढ़ पद्दर में हेल्प डेस्क/कंट्रोल रूम स्थापित किया है और आवश्यक अधिकारियों के संपर्क नंबर जारी किए हैं। जिला कंट्रोल रूम नंबर:
01995-259555
94842-17492
PCR किश्तवाड़:
9906154100
एडिशनल डिप्टी कमिश्नर किश्तवाड़ द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश में आम लोगों से अपील की गई है कि वे जरूरत पड़ने पर इन नंबरों पर संपर्क करें और किसी भी अफवाह से बचें। प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ और पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से बचाव और राहत अभियान चलाया जा रहा है।

38 की मौत, कई अब भी लापता
हादसे में अब तक 38 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई अन्य लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। गांव में मौजूद दो पुल एक लकड़ी का पारंपरिक पुल और दूसरा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बना पुल भी पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं। इसके चलते मचैल माता यात्रा मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है।