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Jammu News: भूजल स्तर पर अध्ययन, जल तालिका डेटा के लिए रिमोट सेंसिंग तकनीक का हो प्रयोग
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- जल शक्ति अभियान कैच द रेन के तहत हुई प्रगति पर मुख्य सचिव ने ली जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। भूजल स्तर पर अध्ययन और जल तालिका डेटा की प्रभावी ढंग से निगरानी के लिए रिमोट सेंसिंग जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। यह बात मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने जम्मू-कश्मीर में जल शक्ति अभियान-कैच द रेन (जेएसए-सीटीआर) अभियान के कार्यान्वयन की समीक्षा बैठक में कही।
इस दौरान जल शक्ति अभियान का अवलोकन प्रदान किया गया और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों के लिए अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की गई। जेएसए-सीटीआर कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने में विभिन्न विभागों की भूमिका और जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने व्यापक जल संरक्षण नीति समीक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने संबंधितों को बेहतर प्रबंधन और पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रासंगिक डेटा को डिजिटल बनाने का निर्देश दिया।
मुख्य सचिव ने जमीनी स्तर पर भागीदारी और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए जल शक्ति केंद्रों के जिला-स्तरीय समन्वय और सक्रियण की आवश्यकता पर जोर दिया। सीएस डुल्लू ने सभी उपायुक्तों से अपनी जिलावार योजनाओं की समीक्षा करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि अभियान के सफल कार्यान्वयन के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का सख्ती से पालन किया जाए।
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इसके अतिरिक्त मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को पहले से एकत्र किए गए डेटा की जियो-टैगिंग के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया। मुख्य सचिव ने स्थायी जल संरक्षण प्रथाओं को बढ़ावा देने और पूरे जम्मू-कश्मीर में जल शक्ति अभियान-कैच द रेन अभियान के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। भूजल स्तर पर अध्ययन और जल तालिका डेटा की प्रभावी ढंग से निगरानी के लिए रिमोट सेंसिंग जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। यह बात मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने जम्मू-कश्मीर में जल शक्ति अभियान-कैच द रेन (जेएसए-सीटीआर) अभियान के कार्यान्वयन की समीक्षा बैठक में कही।
इस दौरान जल शक्ति अभियान का अवलोकन प्रदान किया गया और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों के लिए अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की गई। जेएसए-सीटीआर कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने में विभिन्न विभागों की भूमिका और जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने व्यापक जल संरक्षण नीति समीक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने संबंधितों को बेहतर प्रबंधन और पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रासंगिक डेटा को डिजिटल बनाने का निर्देश दिया।
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मुख्य सचिव ने जमीनी स्तर पर भागीदारी और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए जल शक्ति केंद्रों के जिला-स्तरीय समन्वय और सक्रियण की आवश्यकता पर जोर दिया। सीएस डुल्लू ने सभी उपायुक्तों से अपनी जिलावार योजनाओं की समीक्षा करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि अभियान के सफल कार्यान्वयन के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का सख्ती से पालन किया जाए।
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इसके अतिरिक्त मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को पहले से एकत्र किए गए डेटा की जियो-टैगिंग के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया। मुख्य सचिव ने स्थायी जल संरक्षण प्रथाओं को बढ़ावा देने और पूरे जम्मू-कश्मीर में जल शक्ति अभियान-कैच द रेन अभियान के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।