Election in J&K: पांच राज्यों में बजा बिगुल, कब होंगे जम्मू कश्मीर में चुनाव, जानें क्या बोले चुनाव आयुक्त
चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव से संबंधित पूछे गए सवाल का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि सही समय आने पर ये फैसला लिया जाएगा।
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निर्वाचन आयोग (ईसी) की तरफ से देश के पांच राज्यों के चुनावों की घोषणा कर दी गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने दिल्ली में प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी। ईसी की ओर से जारी शेड्यूल के मुताबिक, सबसे पहले मिजोरम में सात नवंबर को चुनाव होंगे। वहीं छत्तीसगढ़ में दो चरण- सात नवंबर और 17 नवंबर को मतदान होगा।
मध्य प्रदेश में भी 17 नवंबर को ही मतदान की तारीख रखी गई है। वहीं, 23 नवंबर को राजस्थान और 30 नवंबर को तेलंगाना में वोटिंग प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आयोग ने बताया कि सभी पांच राज्यों के नतीजे तीन दिसंबर यानी 55 दिन बाद आएंगे।
वहीं, वार्ता के दौरान चुनाव आयुक्त राजीव कुमार से जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव के बारे में भी पूछा गया। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सुरक्षा और अन्य चुनावों को देखते हुए ये फैसला सही समय आने पर लिया जाएगा। चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, ' जम्मू कश्मीर में सुरक्षा हालात और एक साथ होने वाले अन्य चुनावों को देखते हुए यह फैसला सही समय पर लिया जाएगा।' अभी पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों पूरे होने के बाद अगले साल की शुरुआत में लोकसभा के चुनाव होने की पूरी संभावना है। ऐसे में साफ है कि जम्मू कश्मीर के लोगों को विधानसभा के चुनावों के लिए अभी और इंतजार करना होगा।
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#WATCH | On being asked about the election in Jammu & Kashmir, Chief Election Commissioner Rajiv Kumar says, "The decision to be taken at the right time as per the security situation and other simultaneous elections in the state." pic.twitter.com/7TkzWfKNyw
— ANI (@ANI) October 9, 2023
आगामी लोकसभा चुनाव के भी दिए संकेत
चुनाव आयोग ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए मंच तैयार करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में 7 से 30 नवंबर के बीच अलग-अलग दिनों में मतदान होगा और तीन दिसंबर को पांच राज्यों के वोटों की गिनती की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले साल लोकसभा चुनाव से पहले यह विधानसभा चुनाव का आखिरी चरण होगा।
'जनता को जानने का अधिकार मुफ्त वस्तुएं कहां से आएंगी'
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में चुनाव आयुक्त ने कहा कि मुफ्त वस्तुओं की घोषणाओं में हमेशा लोकलुभावनवाद का 'तड़का' होता है और जनता को यह जानने का अधिकार है कि मुफ्त वस्तुएं कहां से आएंगी।
वहीं, अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार हुए लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (कारगिल) के चुनाव में चार अक्तुबर को मतदान हुए, जिसके नतीजे रविवार (आठ सितंबर) को आए। इसमें नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस का जीत मिली है। 26 सीटों के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस व नेकां ने एक तिहाई से अधिक सीटों पर कब्जा जमा लिया। भाजपा को यहां करारी हार का सामना करना पड़ा। उसके 17 में से दो प्रत्याशी ही जीत सके। विपक्ष ने कहा कि जनता ने भाजपा को नकार दिया है। यह अनुच्छेद 370 को हटाने तथा राज्य के विशेष दर्जे को समाप्त करने के फैसले के खिलाफ जनमत है। यहां पढ़ें पूरी खबर...