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Jammu News: पुलिस के लिए पशु तस्करी, नशा और अवैध खनन बड़ी चुनौती
Thu, 09 Jan 2025 03:00 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Thu, 09 Jan 2025 03:00 AM IST
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- नगरोटा पुलिस सब डिविजन में पशु तस्करी और जम्मू ईस्ट में नशा तस्करी के मामले सबसे अधिक
- जम्मू के रूरल जोन में नहीं थम रहे अवैध खनन के मामले
जम्मू। पुलिस के लिए तस्करी बड़ी चुनौती बनती जा रही है। इसमें पशु, नशा तस्करी और अवैध खनन शामिल है। बीते वर्ष पुलिस के पास दर्ज कुल मामलों में 90 फीसदी पशु और नशा तस्करी के थे, जबकि नया साल शुरू होते ही पहले हफ्ते में दर्ज केसों में भी ज्यादा इसी तरह के मामले हैं।
कड़ी कार्रवाई के बाद भी तस्करी लगातार बढ़ती जा रही है। रूरल जोन का नगरोटा पुलिस सब डिविजन इस सूची में सबसे ऊपर है। बीते वर्ष जम्मू जिले में कुल 378 मामले पशु तस्करी के दर्ज किए गए। हैरानी की बात यह है कि कुल मामलों में 333 अकेले रूरल जोन के हैं। इन 333 मामलों में भी 250 नगरोटा और झज्जर कोटली पुलिस थानों में दर्ज हुए हैं। पुलिस ने पशु तस्करी में 354 वाहनों को जब्त करते हुए 408 तस्करों को गिरफ्तार भी किया है।
नशा तस्करी पर गौर करें तो जिले में 200 मामले नशा तस्करी में दर्ज हुए हैं। 300 तस्करों को गिरफ्तार किया गया और 83 वाहन जब्त हुए। इन कुल मामलों में 153 सिर्फ हेरोइन बरामदगी के ही हैं। हेरोइन तस्करी में 254 तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं। ये आंकड़े स्पष्ट बताते हैं कि कैसे जम्मू जिले में हेरोइन का जाल फैलता जा रहा है।
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ये कैसी कार्रवाई... 933 वाहन जब्त, 831 छोड़ दिए
जम्मू जिले में अवैध खनन जमकर हो रहा है, मगर इस पर कार्रवाई एक मजाक की तरह है। बीते वर्ष पुलिस ने अवैध खनन में शामिल 933 वाहन जब्त किए, लेकिन 831 वाहन जब्त होने के चंद दिनों में ही छोड़ दिए गए। इसके बदले डेढ़ करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। हैरत की बात यह है कि इन वाहनों में बड़े स्तर पर ऐसे वाहन हैं, जो बार-बार खनन में संलिप्त पाए गए। बावजूद इसके एक भी वाहन का पंजीकरण रद्द नहीं किया गया।
वर्ष के पहले सप्ताह में ही छह मामले दर्ज
बीते वर्ष की तरह नए वर्ष में भी नशा, खनन और पशु तस्करी चुनौती बनकर उबर रही है। खासकर नगरोटा पुलिस सब डिविजन में पहले एक हफ्ते में पशु और नशा तस्करी के पांच मामले दर्ज किए हैं। 1 जनवरी, 3 जनवरी को पशु तस्करी, 2 और 4 जनवरी को नशा तस्करी के मामले दर्ज हुए। 5 जनवरी को दोमाना में पशु तस्करी और 6 जनवरी को अखनूर में पशु तस्करी का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस की कार्रवाई सख्त, तभी इतने मामले हुए दर्ज
पशु तस्करी और नशा तस्करी को लेकर पुलिस सख्त है। यदि ऐसा न होता तो इतने मामले दर्ज नहीं होते। हमने नगरोटा और झज्जर कोटली में खास निगरानी रखी है। यहीं से पशु तस्करी के अधिक प्रयास होते हैं। रही बात नशा तस्करी की, तो पुलिस ने रगूड़ा, राजीव नगर, कासिम नगर जैसे नशे के गढ़ में बड़ी कार्रवाई की है।
- शिव शर्मा, डीआईजी जम्मू
नशा तस्करी के गढ़
-सिद्धड़ा, रगूड़ा, राजीव नगर, कासिम नगर व नरवाल
अवैध खनन के बड़े स्थल
-नगरोटा, दोमाना, सतवारी, झज्जर कोटली, नवाबाद, आरएस पुरा, मीरां साहिब
पशु तस्करी वाले इलाके
- नगरोटा, झज्जर कोटली, बिश्नाह, दोमाना, अखनूर
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- जम्मू के रूरल जोन में नहीं थम रहे अवैध खनन के मामले
जम्मू। पुलिस के लिए तस्करी बड़ी चुनौती बनती जा रही है। इसमें पशु, नशा तस्करी और अवैध खनन शामिल है। बीते वर्ष पुलिस के पास दर्ज कुल मामलों में 90 फीसदी पशु और नशा तस्करी के थे, जबकि नया साल शुरू होते ही पहले हफ्ते में दर्ज केसों में भी ज्यादा इसी तरह के मामले हैं।
कड़ी कार्रवाई के बाद भी तस्करी लगातार बढ़ती जा रही है। रूरल जोन का नगरोटा पुलिस सब डिविजन इस सूची में सबसे ऊपर है। बीते वर्ष जम्मू जिले में कुल 378 मामले पशु तस्करी के दर्ज किए गए। हैरानी की बात यह है कि कुल मामलों में 333 अकेले रूरल जोन के हैं। इन 333 मामलों में भी 250 नगरोटा और झज्जर कोटली पुलिस थानों में दर्ज हुए हैं। पुलिस ने पशु तस्करी में 354 वाहनों को जब्त करते हुए 408 तस्करों को गिरफ्तार भी किया है।
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नशा तस्करी पर गौर करें तो जिले में 200 मामले नशा तस्करी में दर्ज हुए हैं। 300 तस्करों को गिरफ्तार किया गया और 83 वाहन जब्त हुए। इन कुल मामलों में 153 सिर्फ हेरोइन बरामदगी के ही हैं। हेरोइन तस्करी में 254 तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं। ये आंकड़े स्पष्ट बताते हैं कि कैसे जम्मू जिले में हेरोइन का जाल फैलता जा रहा है।
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ये कैसी कार्रवाई... 933 वाहन जब्त, 831 छोड़ दिए
जम्मू जिले में अवैध खनन जमकर हो रहा है, मगर इस पर कार्रवाई एक मजाक की तरह है। बीते वर्ष पुलिस ने अवैध खनन में शामिल 933 वाहन जब्त किए, लेकिन 831 वाहन जब्त होने के चंद दिनों में ही छोड़ दिए गए। इसके बदले डेढ़ करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। हैरत की बात यह है कि इन वाहनों में बड़े स्तर पर ऐसे वाहन हैं, जो बार-बार खनन में संलिप्त पाए गए। बावजूद इसके एक भी वाहन का पंजीकरण रद्द नहीं किया गया।
वर्ष के पहले सप्ताह में ही छह मामले दर्ज
बीते वर्ष की तरह नए वर्ष में भी नशा, खनन और पशु तस्करी चुनौती बनकर उबर रही है। खासकर नगरोटा पुलिस सब डिविजन में पहले एक हफ्ते में पशु और नशा तस्करी के पांच मामले दर्ज किए हैं। 1 जनवरी, 3 जनवरी को पशु तस्करी, 2 और 4 जनवरी को नशा तस्करी के मामले दर्ज हुए। 5 जनवरी को दोमाना में पशु तस्करी और 6 जनवरी को अखनूर में पशु तस्करी का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस की कार्रवाई सख्त, तभी इतने मामले हुए दर्ज
पशु तस्करी और नशा तस्करी को लेकर पुलिस सख्त है। यदि ऐसा न होता तो इतने मामले दर्ज नहीं होते। हमने नगरोटा और झज्जर कोटली में खास निगरानी रखी है। यहीं से पशु तस्करी के अधिक प्रयास होते हैं। रही बात नशा तस्करी की, तो पुलिस ने रगूड़ा, राजीव नगर, कासिम नगर जैसे नशे के गढ़ में बड़ी कार्रवाई की है।
- शिव शर्मा, डीआईजी जम्मू
नशा तस्करी के गढ़
-सिद्धड़ा, रगूड़ा, राजीव नगर, कासिम नगर व नरवाल
अवैध खनन के बड़े स्थल
-नगरोटा, दोमाना, सतवारी, झज्जर कोटली, नवाबाद, आरएस पुरा, मीरां साहिब
पशु तस्करी वाले इलाके
- नगरोटा, झज्जर कोटली, बिश्नाह, दोमाना, अखनूर

कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में बनाया गया आईसालेशन वार्ड। संवाद