फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Case registered under Section 376 of Pacso on cleric who exploits children in kathua

बच्चों का शोषण करने वाली पादरी पर पॉक्सो समेत 376 के तहत मामला दर्ज, पुलिस को मिली 7 दिन की रिमांड

Sun, 09 Sep 2018 12:57 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Sun, 09 Sep 2018 12:57 AM IST
विज्ञापन
Case registered under Section 376 of Pacso on cleric who exploits children in kathua
आरोपी पादरी

कठुआ शहर के बीचों बीच अवैध हॉस्टल में बच्चियों का शोषण करने वाले पादरी के खिलाफ पुलिस ने आरपीसी की धारा 376 के साथ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण करने वाले जम्मू कश्मीर पॉक्सो आर्डिनेंस की सेक्शन 6, 10 और 12 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मुक्त करवाई गई बच्चियों के साथ साथ पादरी की मेडिकल जांच भी करवा ली गई है। 

विज्ञापन


पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार को पुलिस मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए कोर्ट से पादरी की सात दिन का पुलिस रिमांड हासिल करने में भी कामयाब रही। उधर, शनिवार को कठुआ पहुंचे बच्चों के अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बच्चे उन्हें सौंपे जाए। जिला उपायुक्त कठुआ ने लोगों को आश्वस्त किया कि उनके बच्चे सुरक्षित हैं और अभिभावकों की वेरिफिकेशन के बाद ही बच्चे उन्हें सौंपे जाएंगे। 
विज्ञापन


प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई को लेकर विभिन्न संगठनों का शिष्टमंडल जिला उपायुक्त से भी मिला और बच्चियों का शोषण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर इसाई समुदाय के लोगों ने भी पारलीवंड में प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। यदि पादरी दोषी है तो उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए और यदि यह आरोप बेबुनियाद हैं तो जिन लोगों ने प्रशासन को गुमराह किया है उनके खिलाफ मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस ने शुक्रवार शाम से ही जिस घर में पादरी और बच्चे रहते थे उसपर पहरा लगा दिया है। किसी को भी भीतर आने जाने की इजाजत नहीं है। अवैध हॉस्टल से मुक्त करवाए गए बच्चों में से लड़कियों को नारी निकेतन तो वहीं लड़कों को बाल आश्रम में रखा गया है। उल्लेखनीय है कि पारलीवंड इलाके में चर्च के नाम पर अवैध होस्टल में नाबालिग बच्चियों से यौन शोषण का मामला शुक्रवार को उस समय प्रकाश में आया जब प्रशासन ने शिकायत मिलने के बाद टीम गठित कर छापामारी की। 

प्रशासनिक टीम के आने बाद महिला अधिकारियों के सामने अवैध हॉस्टल में रह रही बच्चियों ने उनके साथ पादरी द्वारा लगातार शोषण करने की आपबीती सुना दी थी। जिसके बाद पादरी को हिरासत में ले लिया गया था। पुलिस प्रशासन की टीम ने इस अवैध हॉस्टल से सात से 16 वर्ष की 8 बच्चियों और 12 लड़कों को नारी निकेतन और बाल आश्रम भेज दिया था। शनिवार को किसी भी बाहरी व्यक्ति को बाल आश्रम या फिर नारी निकेतन में बच्चों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई।  
 

अभिभावक बोले- मजबूरी में रखे थे बच्चे, ऐसी कोई भी शिकायत बच्चों ने कभी नहीं की

Case registered under Section 376 of Pacso on cleric who exploits children in kathua
parents

शुक्रवार को एक ओर जहां प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मुक्त करवाए गए बच्चों के परिजनों को सूचित करने के साथ ही बच्चों की फोन पर बात भी करवाई जा चुकी है वहीं दूसरी ओर शनिवार दोपहर जिला सचिवालय पहुंचे अभिभावकों ने बताया कि उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली थी। जैसी ही पता चला वो सभी अलग अलग जगह से बच्चों को लेने के लिए कठुआ पहुंच गए हैं। 

हैरानी की बात थी कि जहां बच्चे लगातार आरोप लगा रहे थे कि पादरी उनसे गंदी हरकतें करता था वहीं अभिभावकों का कहना था कि बच्चों ने उनसे कभी ऐसी शिकायत नहीं की है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को बताया कि उनकी पारिवारिक परिस्थितियों के चलते ही उन्होंने बच्चों को यहां रहने के लिए भेजा था और जो मामला सामने आया है ऐसा नहीं हो सकता है। वो भी बच्चों से बात करना चाहते हैं। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि शायद बच्चों ने दबाव में आकर ब्यान दिए हैं। एडीसी घनश्याम सिंह ने अभिभावकों को कहा कि बच्चों के साथ क्या हो रहा है इसकी उनहें खबर रखनी चाहिए थी।

बच्चे असुरक्षित थे ऐसे में प्रशासन ने कार्रवाई की है। सभी बच्चे सही सलामत और प्रशासन की देखभाल में हैं जिन्हें पुलिस वेरिफिकेशन के बाद अभिभावकों को सौंप दिया जाएगा। इससे पहले शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में एक बच्ची ने बताया था कि पादरी उसे रात के समय अपने कमरे में ले जाकर गंदी हरकतें करता था जिसके बाकायदा उसने शिकायत अपनी मां से भी की थी। बच्ची ने बताया था कि मां ने उसकी बात को अनसुना करते हुए यह जवाब दिया कि वो ऐसे लोग नहीं अच्छे लोग हैं। बच्चों ने मीडिया को यह भी बताया था कि पादरी की पत्नी के जाने के बाद से यह सिलसिला शुरू हुआ था और यदि बच्चे देखते कि बच्ची को कहां ले जाया जा रहा है तो उनकी पिटाई की जाती थी।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed