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कैंसर पीड़ितों को दर्द से राहत दिलाएगी भांग से बनाई गई दवा
Fri, 17 Jul 2020 05:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा
सतीश वालिया, जम्मू
सतीश वालिया, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 17 Jul 2020 05:03 AM IST
सार
- सीएसआईआर और आईआईआईएम के मुंबई सेंटर में ट्रायल, जम्मू सेंटर में चल रहा शोध
- जानवरों पर प्री क्लीनिकल ट्रायल सफल, इंसानों पर प्रयोग के शुरुआती नतीजे भी उत्साहजनक
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
नशीले पदार्थ के तौर पर दुरुपयोग से बदनाम भांग का पौधा कैंसर रोगियों की पीड़ा को खत्म करने में कारगर पाया गया है। काउंसिल ऑफ साइंटिफिक इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटेग्रेटिव मेडिसन (आईआईआईएम) भांग के पौधों से दवा तैयार कर ट्रायल कर रहा है। इस पर मुंबई सेंटर में क्लीनिकल ट्रायल और जम्मू सेंटर में दवा पर शोध जारी है। अब तक के शोध में सामने आया है कि भांग से बनी दवा बेहद प्रभावी दर्द निवारक है।
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आईआईआईएम जम्मू ने जानवरों पर प्री क्लीनिकल ट्रायल किया है। दवा पर रिसर्च कर रहे डॉ. दिलीप मांडे ने बताया कि रिसर्च पूरी होने वाली है। जानवरों पर सफल परीक्षण के बाद अब इंसानों पर इसका प्रयोग किया जा रहा है। दवा को इंजेक्शन, टैबलेट और तेल के रूप में लाया जाएगा।
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कैंसर पीड़ितों को दवा से आराम मिला है। आईआईआईएम के सूत्रों ने बताया कि भांग के पौधों के अगले हिस्से का प्रयोग नशे के लिए किया जाता है, जबकि इसी पौधे के कई अन्य अंश बीमारियों की दवा का काम कर सकते हैं। दवा के तौर पर सेवन करने से इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है। दवा बनाने के लिए केंद्र सरकार से भी अनुमति मिल चुकी है।
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मुंबई में क्लीनिकल ट्रायल चल रहा है। इंसानों पर प्रयोग के अच्छे परिणाम सामने आए हैं। अब दवा को क्लीनिकल ट्रायल के बाद बाजारों में लाया जाएगा। इस काम में पांच से छह माह का समय लग सकता है।
-राम विश्वकर्मा, निदेशक, सीएसआईआर, आईआईआईएम जम्मू