बाढ़ में लापता लोगों को तलाश करने के लिए डायल करें ये नंबर
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श्रीनगर में बाढ़ के कहर में फंसे और लापता लोगों की तलाश करने के लिए डिवीजनल कमिश्नर कार्यालय में सोमवार को जेएंडके कनेक्ट सेंटर स्थापित किया गया है। यहां चार हेल्पलाइन नंबर दिए गए हैं।
24 घंटे इन पर संपर्क हो सकेगा। इसकी जानकारी डिवकॉम जम्मू शांतमनु ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि अभी तक 20 हजार लोग रामबन आ चुके हैं, इनमें से अधिकतर लोग पैदल भी आए हैं।
रामबन में लंगर की व्यवस्था है। वहां 60 एसआरटीसी की बसों से उन्हें नि:शुल्क उधमपुर रेलवे स्टेशन पहुंचाया जा रहा है।
कभी भी डायल करें ये चार नंबर
उधमपुर से सात ट्रेन देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को उनके घरों तक पहुंचा रही है। इसके अलावा जिन लोगों के साथ अभी तक कोई संपर्क नहीं हो सका है। उनके लिए कश्मीर में इंटरनेट और अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण डिवकॉम जम्मू कार्यालय के ग्राउंड फ्लोर पर जेएंडके कनेक्ट सेंटर खोला गया है।
इनमें हेल्प लाइन नंबर 0191-2471522, 2471922 और टोल फ्री नंबरों में 0191-2472022 और 2472322 शामिल है।
सेंटर के इंचार्ज अमित शर्मा के मुताबिक परिवार के लोग अपने लापता सदस्य की जानकारी उपलब्ध करवाएं और यहां से आगे कश्मीर में आर्मी कैंप, अस्पताल आदि से संपर्क किया जाएगा। जानकारी मैच करते ही संबंधित लोगों को इसके बारे में सूचित कर दिया जाएगा।
कॉल सेंटर में 24 घंटे में तीन शिफ्ट लगेंगी। फारमेट में सारी सूचना भरकर आगे भेजी जाएगी। फिर अलग-अलग जिलों के डीसी और एसएसपी इन फारमेट की सूचना के आधार पर सभी जगह पर पता करेंगे। लगातार आपसी संपर्क बना रहेगा।
लापता लोगों की सूचना facebook पर देखें
प्रशासन की ओर से https://www.facebook.com/operationconnectjk पर क्लिक करके अभी तक आई सूचना में लापता लोगों का पता लगा सकते हैं। अभी तक करीब आठ हजार लोगों ने संपर्क किया है।
तबाही से उबरने का काम सुस्त
डोडा पहुंचे डिवीजनल कमिश्नर शांतमनु ने भारी बारिश और बाढ़ से मची तबाही से उबरने के लिए किए जा रहे काम की गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिस गति से काम होना चाहिए, उस गति से नहीं हो रहा है। एसडीआरएफ और भारत सरकर के पास पैसे की कमी नहीं है।
सभी अधिकारियों को उन्होंने हिदायतें दीं कि वे जनजीवन को पटरी पर लाने के काम में तेजी लाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-श्रीनगर हाईवे का भी दौरा करने जा रहे हैं। उम्मीद है कि अगले कुछ ही दिनों में इसे छोटे वाहनों की आवाजाही के लायक बना दिया जाएगा।