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जीएसटी से औद्योगिक उत्पादन में गिरावट
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जम्मू। बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीबीआईए) ने दावा किया है कि जीएसटी लागू होने के बाद वित्तीय प्रोत्साहन कम होने से जम्मू संभाग के औद्योगिक उत्पादन में गिरावट आई है। पिछले साढ़े तीन साल में 506 औद्योगिक इकाइयां शुरू हुईं, जिसमें 8231 लोगों को ही रोजगार मिल सका है। इसमें एक तिहाई की गिरावट दर्ज की गई है।
एसोसिएशन की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधान ललित महाजन ने कहा कि 2016-17 में 253 इकाइयां शुरू हुई थीं और 2830 लोगों को रोजगार मिला है। इसी तरह 2017-18 में 209 इकाइयों में 2641 लोगों को रोजगार मिला। 2018-19 में 141 इकाइयों के शुरू होने पर 1321 लोगों को रोजगार मिला और 2019-20 (अक्तूबर तक) 92 इकाइयों में 1439 लोगों को रोजगार मिला है। जीएसटी के लागू होने के बाद राज्य और केंद्रीय प्रायोजित वित्तीय प्रोत्साहन में कटौती आई है। जम्मू संभाग में सीमित औद्योगिक उत्पादन हो रहा है। इससे औद्योगिक विकास नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में नई इकाइयों को शुरू करने के लिए पर्याप्त प्रोत्साहन नहीं मिल पा रही है। पहले से जो इकाइयां चल रही हैं उनमें भी गिरावट आई है। पिछले तीन दशक में पहली बार ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। जम्मू संभाग में वित्तीय प्रोत्साहन के बिना नई इकाइयों को चलाना मुश्किल हो रहा है। होटल उद्योग भी प्रभावित है। उन्होंने मांग की कि सीजीएसटी/एसजीएसटी/आईजीएसटी में 100 फीसदी रिअंब्रेसमेंट, सड़क निर्यात से कच्चे माल पर फ्रेट पर 5 फीसदी रिअंब्रेसमेंट, इंडस्ट्रियल सेक्टर और होटल उद्योग में सब्सिडी पावर टैरिफ, सिडको और सिकाप द्वारा अलाट की गई भूमि पर अधिकार देने, नए इंडस्ट्रियल इस्टेट विकसित करने, अगले 20 वर्षों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन को बढ़ाने आदि पर काम किया जाए। बैठक में तरुण सिंगला, अजय लंगर, विराज मल्होत्रा, राजेश जैन, विवेक सिंगल मौजूद रहे।
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एसोसिएशन की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधान ललित महाजन ने कहा कि 2016-17 में 253 इकाइयां शुरू हुई थीं और 2830 लोगों को रोजगार मिला है। इसी तरह 2017-18 में 209 इकाइयों में 2641 लोगों को रोजगार मिला। 2018-19 में 141 इकाइयों के शुरू होने पर 1321 लोगों को रोजगार मिला और 2019-20 (अक्तूबर तक) 92 इकाइयों में 1439 लोगों को रोजगार मिला है। जीएसटी के लागू होने के बाद राज्य और केंद्रीय प्रायोजित वित्तीय प्रोत्साहन में कटौती आई है। जम्मू संभाग में सीमित औद्योगिक उत्पादन हो रहा है। इससे औद्योगिक विकास नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में नई इकाइयों को शुरू करने के लिए पर्याप्त प्रोत्साहन नहीं मिल पा रही है। पहले से जो इकाइयां चल रही हैं उनमें भी गिरावट आई है। पिछले तीन दशक में पहली बार ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। जम्मू संभाग में वित्तीय प्रोत्साहन के बिना नई इकाइयों को चलाना मुश्किल हो रहा है। होटल उद्योग भी प्रभावित है। उन्होंने मांग की कि सीजीएसटी/एसजीएसटी/आईजीएसटी में 100 फीसदी रिअंब्रेसमेंट, सड़क निर्यात से कच्चे माल पर फ्रेट पर 5 फीसदी रिअंब्रेसमेंट, इंडस्ट्रियल सेक्टर और होटल उद्योग में सब्सिडी पावर टैरिफ, सिडको और सिकाप द्वारा अलाट की गई भूमि पर अधिकार देने, नए इंडस्ट्रियल इस्टेट विकसित करने, अगले 20 वर्षों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन को बढ़ाने आदि पर काम किया जाए। बैठक में तरुण सिंगला, अजय लंगर, विराज मल्होत्रा, राजेश जैन, विवेक सिंगल मौजूद रहे।
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