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कहीं पुलिस को चकमा देने के लिए तो नहीं फैलाई गई 44 बच्चों के मरने की अफवाह?
amarujala.com- Presented by: आशुतोष तिवारी
Updated Fri, 26 May 2017 11:40 AM IST
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मुगल रोड पर सुरक्षित बच्चों की बस
- फोटो : Amar Ujala
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सीमावर्ती जिले पुंछ के मुगल रोड पर एक बस हादसे में 44 बच्चों के मारे जाने की अफवाह से राजोरी-पुंछ के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के होश घंटों तक उड़े रहे। हादसे की अफवाह फैलाने के पीछे राजोरी-पुंछ सीमावर्ती जिलों की पुलिस को चकमा देने की साजिश भी हो सकती है। मुगल रोड कश्मीर घाटी के शोपियां इलाके को राजोरी-पुंछ से जोड़ता है।
शोपियां इलाके में ही आतंकवादी सबसे अधिक सक्रिय है। इन दिनों घाटी का माहौल भी नहीं सही है, ऐसे में माना जा रहा है कि कहीं आतंकियों ने पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए तो इस अफवाह को नहीं फैलाया।
बन सकती थी अनहोनी का सबब
हादसे में स्कूली बच्चों की मौत की अफवाह किसी की जान भी ले सकती थी। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर महमूद अहमद के मुताबिक किसी अभिभावक को दिल का दौरा भी पड़ सकता था। एसडीपीओ मंजाकोट जाकिर शाहीन के अनुसार मंजाकोट में अफवाह दहशत का सबब बन सकती थी।
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शोपियां इलाके में ही आतंकवादी सबसे अधिक सक्रिय है। इन दिनों घाटी का माहौल भी नहीं सही है, ऐसे में माना जा रहा है कि कहीं आतंकियों ने पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए तो इस अफवाह को नहीं फैलाया।
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बन सकती थी अनहोनी का सबब
हादसे में स्कूली बच्चों की मौत की अफवाह किसी की जान भी ले सकती थी। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर महमूद अहमद के मुताबिक किसी अभिभावक को दिल का दौरा भी पड़ सकता था। एसडीपीओ मंजाकोट जाकिर शाहीन के अनुसार मंजाकोट में अफवाह दहशत का सबब बन सकती थी।
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