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झटका: तनाव के साये में महंगाई का बोझ... जम्मू-कश्मीर की जेब पर दोहरी चोट; जानिए महंगाई बढ़ने की वजह
Wed, 14 May 2025 02:48 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 14 May 2025 02:48 PM IST
सार
तनाव के साये में महंगाई का बोझ बढ़ रहा है। जम्मू-कश्मीर की जेब पर दोहरी चोट है। देश में महंगाई दर घट रही है, जम्मू-कश्मीर में लगातार बढ़ रही है। तनावपूर्ण हालातों के बीच जरूरी चीजों की कीमतें और जेब पर भार बढ़ गया है।
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बाजार में दुकानें तो खुली है, मगर लोग महंगाई से परेशान हैं
- फोटो : संवाद
विस्तार
एक ओर जहां जम्मू-कश्मीर सीमा पर तनाव और आतंकी घटनाओं के साए में जी रहा है, वहीं दूसरी ओर महंगाई ने भी आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं हैं। अप्रैल महीने में प्रदेश की खुदरा महंगाई दर 4.25 फीसदी तक पहुंच गई है, जो देश के औसत 3.16 फीसदी से कहीं ज्यादा है।
भले ही महंगाई की यह बढ़ोतरी सीधे सीमा पर बने तनाव से जुड़ी नहीं है, लेकिन तनावपूर्ण माहौल में यह आर्थिक बोझ आम लोगों पर दोहरी मार की तरह महसूस हो रहा है।
राष्ट्रीय औसत से ऊपर है जम्मू-कश्मीर की महंगाई
केंद्र सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में जम्मू-कश्मीर की महंगाई दर 4.25 फीसदी रहने का अनुमान है। मार्च में यह चार फीसदी थी। इसी अवधि में प्रदेश का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) बढ़कर 203.8 हो गया, जो मार्च में 202.6 था।
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देश की बात करें तो अप्रैल में औसत खुदरा महंगाई दर घटकर 3.16 फीसदी रहने की संभावना है, जो मार्च में 3.34 फीसदी थी। अप्रैल में देश का सीपीआई 192.6 रहने का अनुमान है।
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भले ही महंगाई की यह बढ़ोतरी सीधे सीमा पर बने तनाव से जुड़ी नहीं है, लेकिन तनावपूर्ण माहौल में यह आर्थिक बोझ आम लोगों पर दोहरी मार की तरह महसूस हो रहा है।
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राष्ट्रीय औसत से ऊपर है जम्मू-कश्मीर की महंगाई
केंद्र सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में जम्मू-कश्मीर की महंगाई दर 4.25 फीसदी रहने का अनुमान है। मार्च में यह चार फीसदी थी। इसी अवधि में प्रदेश का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) बढ़कर 203.8 हो गया, जो मार्च में 202.6 था।
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देश की बात करें तो अप्रैल में औसत खुदरा महंगाई दर घटकर 3.16 फीसदी रहने की संभावना है, जो मार्च में 3.34 फीसदी थी। अप्रैल में देश का सीपीआई 192.6 रहने का अनुमान है।
सीपीआई एक ऐसा पैमाना है, जिससे यह पता चलता है कि आम लोगों द्वारा खरीदी जाने वाली वस्तुएं और सेवाएं पहले की तुलना में कितनी महंगी हुई हैं। इसमें खाने-पीने का सामान, कपड़े, घर का किराया, शिक्षा, इलाज और ट्रांसपोर्ट जैसी आवश्यक सेवाएं शामिल होती हैं।
उत्तर भारत में सबसे अधिक महंगाई वाला राज्य
उत्तर भारत के राज्यों की तुलना में जम्मू-कश्मीर की महंगाई दर सबसे अधिक रही है। देश के स्तर पर भी यह टॉप तीन राज्यों में शामिल है, जहां महंगाई दर सबसे अधिक दर्ज की गई है। जम्मू-कश्मीर से आगे केरल और कर्नाटक हैं। अप्रैल में केरल में महंगाई दर 5.94 फीसदी, कर्नाटक में 4.26 फीसदी रही। मार्च में महंगाई दर के मामले में छत्तीसगढ़ जम्मू-कश्मीर से आगे था, लेकिन अप्रैल में जम्मू-कश्मीर ने छत्तीसगढ़ को भी पीछे छोड़ दिया।
उत्तर भारत के राज्यों की तुलना में जम्मू-कश्मीर की महंगाई दर सबसे अधिक रही है। देश के स्तर पर भी यह टॉप तीन राज्यों में शामिल है, जहां महंगाई दर सबसे अधिक दर्ज की गई है। जम्मू-कश्मीर से आगे केरल और कर्नाटक हैं। अप्रैल में केरल में महंगाई दर 5.94 फीसदी, कर्नाटक में 4.26 फीसदी रही। मार्च में महंगाई दर के मामले में छत्तीसगढ़ जम्मू-कश्मीर से आगे था, लेकिन अप्रैल में जम्मू-कश्मीर ने छत्तीसगढ़ को भी पीछे छोड़ दिया।
महंगाई बढ़ने की वजह जानिए
जम्मू-कश्मीर में ज्यादातर चीजें, बाहर से राज्यों से ही आती हैं। माल-भाड़े की वजह से यहां तक आते-आते महंगी हो जाती है। यह महंगाई बढ़ने की प्रमुख वजह है।- प्रो अश्विनी कुमार नंदा, डीन, सामजिक विज्ञान विभाग, केंद्रीय विश्विद्यालय, जम्मू
जम्मू-कश्मीर में ज्यादातर चीजें, बाहर से राज्यों से ही आती हैं। माल-भाड़े की वजह से यहां तक आते-आते महंगी हो जाती है। यह महंगाई बढ़ने की प्रमुख वजह है।- प्रो अश्विनी कुमार नंदा, डीन, सामजिक विज्ञान विभाग, केंद्रीय विश्विद्यालय, जम्मू