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बजट की खास बातें: जम्मू-कश्मीर में 2379 भर्तियां, विरासत स्थलों के संरक्षण पर जोर

Fri, 19 Mar 2021 07:12 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 19 Mar 2021 07:12 PM IST
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budget Jammu and Kashmir Capital development related expenditure of Union Territory
बजट - फोटो : pixabay

जम्मू-कश्मीर के 1.08 करोड़ रुपये के बजट में संघ राज्य क्षेत्र का पूंजी/विकास संबंधी व्यय 37 फीसदी रखा गया है। इसी तरह वेतन 28 फीसदी, पेंशन 8 फीसदी, ब्याज का भुगतान 7 फीसदी और अन्य 20 फीसदी व्यय है। केंद्रीय सहायता के रूप में 30478 करोड़ रुपये और आपदा निधि में 279 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। बजट में 10 हजार चतुर्थ श्रेणी पदों के अलावा 12379 गजटेड और नॉन गजटेड पदों को भरने का प्रावधान रखा गया है। 

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प्रशासनिक क्षेत्र का कुल राजस्व बजट 12460 करोड़ रुपये है, जिसमें से 71 फीसदी तक का व्यय गृह विभाग पर खर्च किए जाने की आशा है। इसी तरह सामाजिक क्षेत्र का कुल राजस्व बजट 21691 करोड़ रुपये है, जिसमें 51 फीसदी तक का व्यय शिक्षा विभाग तक खर्च किया जाएगा। अवसंरचना निर्माण क्षेत्र में राजस्व बजट 29059 करोड़ रुपये में से 60 फीसदी तक का व्यय वित्त विभाग के माध्यम से खर्च किया जाएगा।
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इस क्षेत्र में पूंजी बजट 24363 करोड़ में से 26 फीसदी जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग पर खर्च किया जाएगा। आर्थिक क्षेत्र का राजस्व बजट 5464 करोड़ रुपये में से 28 फीसदी तक का व्यय वन विभाग पर खर्च किया जाएगा। इस क्षेत्र में पूंजी बजट 8467 करोड़ रुपये है, जिसमें 56.89 फीसदी ग्रामीण विकास विभाग पर खर्च किए जाने की आशा है। 

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विरासत स्थलों के संरक्षण पर जोर

पर्यटन व संस्कृति के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विरासत स्थलों के संरक्षण और विस्तार पर ध्यान दिया जाएगा। हाईएंड पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पर्यटन से संबंधित परिसंपत्तियों के नवीनीकरण के अलावा विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। 

सभी सरकारी विभागों में ई आफिस की शुरुआत होगी
विकास कार्यों में सार्वजनिक भागीदारी के लिए बीम्स पोर्टल पर सशक्त की शुरुआत करना और कार्य के विवरण को ऑनलाइन देखने के लिए संघ राज्य क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में इसे कार्यान्वित किया जा रहा है। ई कुबेर भुगतान को शुरू किया गया है। केंद्रीकृत कांट्रैक्ट कार्यान्वयन और भुगतान निगरानी प्रणाली की स्थापना की जाएगी। बोली संबंधी दस्तावेजों के मूल्यांकन परामर्शदाता रखे जाएंगे। वर्चुअल जांच प्रणाली को सृदृढ बनाते हुए ई-ऑडिट की शुरुआत की जाएगी। सभी सरकारी विभागों में ई-ऑफिस की शुरुआत होगी। ऑनलाइन रियल टाइम व्यय निगरानी प्रणाली शुरू की जाएगी। 


 

तीस हजार सोलर लाइट लगाई जाएंगी 

वर्ष 2021-22 में उपयुक्त सार्वजनिक स्थलों, सड़कों, पार्कों, धार्मिक स्थानों, पंचायतों, अस्पतालों में 30000 हजार सोलर लाइट लगाई जाएंगी। 13.2 मेगावाट क्षमता के साथ रूफटाप पावर सिस्टम लगाए जाएंगे। वर्ष 2021-22 के दौरान सिंचाई और पेयजल के लिए 10 हजार सोलर वाटर पंप लगाए जाएंगे। औद्योगिक बायो टेक्नोलाजी पार्कों को वर्ष 2021-22 में पूरा कर लिए जाने का लक्ष्य है। 

जीएसटी की प्रतिपूर्ति के लिए 400 करोड़ का प्रावधान 
बजट में जीएसटी की समय पर प्रतिपूर्ति के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जम्मू-कश्मीर बैंक लिमिटेड के पंजीकरण के लिए 800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पर्यटन के संवर्धन के लिए 30 करोड़ और गोल्फ के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट बढ़ाया गया है। मानसर, सुरईंसर, वुलर, बंगस सहित नए पर्यटन सर्किटों के लिए 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा नए रोपवे के लिए 20 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। 

वित्त विभाग में इंस्पेक्शन सिस्टम स्थापित होगा
वित्तीय विभाग में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन सिस्टम स्थापित किया जाएगा ताकि संघ राज्य क्षेत्र में कार्यान्वित की जा रही सभी परियोजना का 100 फीसदी वास्तविक सत्यापन सुनिश्चित हो सके।  

जम्मू और श्रीनगर शहर के लिए 100 करोड़

प्रदेश के दो मेडिसिटी के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। इसी तरह ड्रग डी एडिक्शन और पुनर्वास केंद्रों के लिए 10 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य देखभाल प्रौद्योगिकी के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। डल के विकास और संरक्षण के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। मेट्रो कारपोरेशन के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। जम्मू और श्रीनगर शहरों के लिए शहर अनुदान के रूप में 100 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए संघ राज्य क्षेत्र के समरूप शेयर के रूप में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य क्षेत्र में ड्रग्स और उपकरणों की खरीद के लिए 400 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

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