Budget 2022 : पिछले साल के मुकाबले जम्मू-कश्मीर को 4824 करोड़ ज्यादा मिले, लद्दाख के बजट में कोई बढ़ोतरी नहीं
बजट में जम्मू-कश्मीर के लिए आवंटित धनराशि में से 33,923 करोड़ रुपये विशेष केंद्रीय मदद होगी। पिछले बजट में विशेष केंद्रीय सहायता के रूप में 30,478 करोड़ रुपये मिले थे। यानी पिछले साल की तुलना में इस बजट में केंद्र ने साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये अधिक आवंटित किए हैं।
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केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद 370 हटने के बाद संसद में पेश तीसरे केंद्रीय बजट में 35581.44 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पिछले साल के मुकाबले इस बजट में 4824 करोड़ रुपये ज्यादा मिले हैं। चालू वित्त वर्ष के लिए प्रदेश को 30,757 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। लद्दाख को 5958 करोड़ रुपये दिए गए हैं। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लिए पिछले बजट में भी इतनी ही राशि आवंटित की गई थी। मंगलवार को आम बजट में वित्त मंत्री सीता रमण की ओर से धनराशि आवंटन के अलावा दोनों प्रदेशों के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई है।
आवंटित धनराशि में से 33,923 करोड़ रुपये विशेष केंद्रीय मदद
बजट में जम्मू-कश्मीर के लिए आवंटित धनराशि में से 33,923 करोड़ रुपये विशेष केंद्रीय मदद होगी। पिछले बजट में विशेष केंद्रीय सहायता के रूप में 30,478 करोड़ रुपये मिले थे। यानी पिछले साल की तुलना में इस बजट में केंद्र ने साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये अधिक आवंटित किए हैं। जम्मू-कश्मीर में डल व नगीन झील के जीर्णोद्धार के लिए 273 करोड़, प्राकृतिक आपदा के लिए 279 करोड़, कीरू और रेटले जल विद्युत परियोजना के लिए क्रमश: 130 और 476.44 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। छात्रवृत्ति के लिए 225 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
जनजातीय क्षेत्र विकास के लिए 3407.42 करोड़ रुपये का प्रावधान
हालांकि, लद्दाख के लिए आवंटित बजट में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, लेकिन 2020-21 के 2373.74 करोड़ रुपये के मुकाबले से ढाई गुना अधिक आवंटित किया गया है। सचिवालय एवं उससे जुड़े अन्य संस्थानों के खर्च के लिए 1946.34 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जनजातीय क्षेत्र विकास के लिए 3407.42 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। इसमें जनजातीय परिषद सचिवालय और केंद्र सरकार का विशेष पैकेज भी शामिल है।
शहरी विकास के लिए 26.59 करोड़ रुपये
बिजली क्षेत्र के लिए 135.37, ग्रामीण विकास-54.22, नागरिक आपूर्ति-50.38, समाज कल्याण-24.42, सड़क एवं पुल-38.00, नागरिक उड्डयन-42.10, पर्यटन-31.64, लोक निर्माण-49.87 और शहरी विकास के लिए 26.59 करोड़ रुपये रखा गया है।
2021 में दूसरा और अब तीसरा बजट संसद में आया
पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटने और 31 अक्तूबर 2019 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम लागू होने के बाद 2020 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रदेश के लिए पहला केंद्रीय बजट संसद में पेश किया था। इसके बाद 2021 में दूसरा और अब तीसरा बजट संसद में आया है।
हेलिकॉप्टर सेवा के लिए 16, सिविक एक्शन के लिए 25 करोड़
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सुदूर इलाकों में हेलिकॉप्टर सेवा के लिए 16 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें लद्दाख के लिए पांच व जम्मू-कश्मीर के लिए 11 करोड़ रखे गए हैं। सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत केंद्रीय सुरक्षा बलों के लिए 25 करोड़ रुपये दिए गए हैं। 2021-22 में 24 करोड़ और 2020-21 में 19.45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।
पर्वत माला योजना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे: उपराज्यपाल
पहाड़ी प्रदेश जम्मू कश्मीर में पर्वत माला योजना शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार। यह पहाड़ी क्षेत्रों के लिए परिवहन और कनेक्टिविटी की आधुनिक प्रणाली का सबसे बड़ा उपहार है जो प्रदूषण मुक्त परिवहन, रोपवे, केबल कार आदि प्रदान करेगा। इस योजना से रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे। जम्मू और कश्मीर में विकास की नई सुबह की शुरुआत होगी। - मनोज सिन्हा, उपराज्यपाल जम्मू-कश्मीर