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Budget 2022: जम्मू-कश्मीर को 35581 और लद्दाख के लिए 5958 करोड़ आवंटित, सीमा पर और तेजी होंगे विकास कार्य

Wed, 01 Feb 2023 05:29 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Wed, 01 Feb 2023 05:29 PM IST
सार

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का बजट बढ़ाए जाने के बाद सीमावर्ती इलाकों का विकास और तेज होगा। वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 हटाकर प्रदेश को दो केंद्र शासित भागों में बांट दिया था।  

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Budget 2022: 35581 crores allocated for Jammu and Kashmir and 5958 crores for Ladakh
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण - फोटो : Social Media

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के लिए केंद्रीय बजट में 35581 करोड़ और लद्दाख के लिए 5958 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इससे सीमावर्ती इलाकों का और तेजी के साथ विकास होगा। सड़क और अन्य प्रोजेक्ट तैयार होने से सेना की सामरिक शक्ति भी बढ़ेगी।

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केंद्र सरकार ने पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 समाप्त करके प्रदेश को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था। इसमें जम्मू कश्मीर और लद्दाख दो प्रदेश बनाए गए थे। जम्मू कश्मीर को साल 2022-23 में 35581 करोड़ मिले थे। 
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सोमवार को संसद भवन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया। इसमें अगले वित्त वर्ष के लिए जम्मू-कश्मीर के 35581 रुपये आवंटित किए हैं। इनमें से 33923 करोड़ रुपये केंद्र शासित प्रदेश के विकास कार्यों पर खर्च किए जाएंगे।
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इसके अलावा 279 करोड़ रुपये आपदा प्रतिक्रिया कोष, 476.44 करोड़ रुपये 624 मेगावाट कीरु पनबिजली परियोजना के लिए अनुदान के रूप में आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा 500 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के समर्थन के लिए आवंटित किए गए हैं।

उधर, बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि बजट में मध्यम वर्ग को मदद दी गई है, सबको कुछ न कुछ दिया गया है। डेढ़ घंटे तक हमने बजट सुना। जब मौका आएगा हम इस पर बात करेंगे। 

पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह बजट वही है जो पिछले 8-9 साल से आ रहा था। टैक्स बढ़ाए गए, कल्याणकारी योजनाओं और सब्सिडी पर पैसा खर्च नहीं किया जा रहा है। कुछ सांठगांठ वाले पूंजीपतियों और बड़े कारोबारियों के लिए टैक्स वसूला जा रहा है।

जनता को टैक्स से फायदा होना चाहिए लेकिन इससे उसकी कमर टूट रही है। उन्हें (आम लोगों को) लाभ पहुंचाने के बजाय कल्याणकारी योजनाओं और सब्सिडी को खत्म किया जा रहा है। जो लोग गरीबी के स्तर से ऊपर उठ गए थे, वे फिर से गरीबी के स्तर से नीचे आ गए हैं। 


उपराज्यपाल ने कहा- बजट भारत को एक वैश्विक शक्ति में बदलने में सहायक होगा

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अमृत काल का पहला बजट पेश किया है, जो समान और समावेशी विकास सुनिश्चित करेगा और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के मील के पत्थर को हासिल होगा। भारत को एक वैश्विक शक्ति में बदलने में सहायक होगा।

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