कोर्ट मार्शल की सजा भुगत चुका है वीडियो वायरल करने वाला जवान : BSF
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने वाले बीएसएफ के जवान को बीएसएफ ने अनुशासनहीन बताया है। बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर के आईजी डीके उपाध्याय ने कहा, वीडियो वायरल करने वाला जवान तेज बहादुर आदतन अनुशासनहीन है।
उसके खिलाफ नशे में धुत रहने, सीनियर अफसरों के साथ बदसलूकी और यहां तक कि सीनियर अफसर पर बंदूक तानने की शिकायतें रही हैं। इसी के चलते वर्ष 2010 में उसका कोर्ट मार्शल कर दिया गया था।
उसके परिजनों को ध्यान में रखते हुए उसे बर्खास्त करने के बजाय 89 दिन के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। जवान ने स्वैच्छिक रूप से सेवानिवृति का आवेदन किया था और उसे इसी 31 जनवरी को सेवामुक्त होना था।
'किसी भी अन्य जवान से खराब खाने की शिकायत नहीं मिली'
आईजी ने कहा, जवान की पृष्ठभूमि जैसी भी रही हो, तमाम आरोपों को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी स्तर के अधिकारी से जांच करवाई जा रही है। प्रथम दृष्टया एलओसी की उसी लोकेशन पर किसी भी अन्य जवान से खराब खाने की शिकायत नहीं मिली है।
वीडियो में दिखाए गए खाने पर उन्होंने कहा, जवानों और अफसरों को एक ही जैसा खाना दिया जाता है। राशन खरीद पर उन्होंने कहा, अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात जवानों के लिए राशन बीएसएफ खुद खरीदती है, लेकिन एलओसी पर बीएसएफ को सप्लाई होने वाले राशन की खरीद सेना करती है। इसे लेकर कभी किसी ने कोई शिकायत नहीं की है।
'बीएसएफ को पैक्ड फूड पर ही निर्भर होना पड़ता है'
आईजी ने कहा, सर्दियां बढ़ने पर एक जनवरी से राशन का भंडारण शुरू हो जाता है। खाने के लिए चूंकि ताजा सब्जियां उपलब्ध नहीं होतीं तो बीएसएफ को पैक्ड फूड पर ही निर्भर होना पड़ता है। गुणवत्ता के लिहाज से आहार में कोई कमीं नहीं होती। जवानों को उनकी इच्छा के अनुसार शाकाहार और मांसाहार दिया जाता है।
आईजी ने कहा, मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तेज बहादुर यादव को किसी दूसरे मुख्यालय शिफ्ट कर दिया गया है। एलओसी की संवेदनशील लोकेशन पर मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं मिलती।
जवान के पास मोबाइल होने की भी जांच की जा रही है। उल्लेखनीय है कि जवान के वीडियो वायरल होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जांच के आदेश जारी किए थे।