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यूपी चुनाव के पहले जम्मू कश्मीर में गठबंधन एजेंडा को तरजीह नहीं देगी भाजपा

Mon, 09 Jan 2017 12:09 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू Updated Mon, 09 Jan 2017 12:09 PM IST
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भाजपा अध्यक्ष अमित शाह - फोटो : फाइल फोटो

भाजपा उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले जम्मू-कश्मीर में गठबंधन एजेंडा को तरजीह नहीं देगी। पीडीपी ने गठबंधन एजेंडा लागू करने के लिए दबाव बढ़ाया है लेकिन भाजपा आलाकमान फिलहाल  इस मुद्दे को टालने के मूड में है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता यशवंत सिन्हा की टीम की रिपोर्ट को भी केंद्र ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है।

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सिन्हा के नेतृत्व वाली टीम ने अलगाववादियों से बातचीत और मानवाधिकार के मुद्दे पर अधिक संवेदनशीलता दिखाने की सिफारिश की थी। अफस्पा की वापसी और अलगाववादियों से वार्ता जैसे संवेदनशील मुद्दे को तरजीह देने का उत्तर प्रदेश चुनाव पर गहरा असर पड़ सकता है लिहाजा केंद्र ने पीडीपी की मांग को महत्व नहीं देने की नीति अपनाई है। 
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पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बरसी के बहाने पीडीपी ने गठबंधन एजेंडा को मुद्दा बनाया है। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस एजेंडे को समस्या के समाधान की एकमात्र कुंजी बताया है और पीडीपी की दूसरी पंक्ति के नेता सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग ने अपनी सरकार पर गठबंधन एजेंडा को लागू करने में विफल रहने का आरोप लगाकर दबाव बढ़ाया है।

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अफस्पा हटाने का प्रस्ताव पर सहमत नहीं है गृह मंत्रालय

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गृह मंत्रालय की सहमति नहीं - फोटो : File Photo

बेग ने यह भी कहा है कि अगर इस एजेंडा को लागू नहीं किया जाता है तो पीडीपी को अपनी नई राह तलाशनी होगी।आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर में पांच महीने तक चले हिंसा के दौर के बाद अब पीडीपी गठबंधन एजेंडा पर केंद्र से ठोस कदम का एलान चाहती है।

इसमें अफस्पा को हटाने, अलगाववादियों से बातचीत और एनएचपीसी से चार बिजली प्रोजेक्टों की वापसी का मुद्दा शामिल है। केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि बिजली प्रोजेक्टों की वापसी संभव नहीं है।

आतंकी गतिविधियों के मद्देनजर अफस्पा को हटाने पर भी केंद्र सहमत नहीं है। केंद्र स्पष्ट कर चुका है कि जम्मू-कश्मीर के किसी हिस्से से अफस्पा हटाने का मुद्दे पर गृह मंत्रालय कोई विचार नहीं कर रहा है। 

यशवंत सिन्हा की टीम का अलगाववादियों से बातचीत पर जोर

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पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा - फोटो : File Photo

इस बीच यशवंत सिन्हा के नेतृत्व वाली टीम ने भी केंद्र को अलगाववादियों से वार्ता पर जोर दिया है। इस टीम ने उत्तरी और दक्षिणी कश्मीर में कई दौरे कर विभिन्न पक्षों से बातचीत के बाद रिपोर्ट जारी की है। सूत्रों के मुताबिक केंद्र ने फिलहाल इस रिपोर्ट को दरकिनार कर दिया है।

सिन्हा ने टीम सदस्य पूर्व सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह, पूर्व एयर चीफ मार्शल कपिल काक, भारत भूषण और सुशोभा बार्वे की मौजूदगी में श्रीनगर में रिपोर्ट जारी कर केंद्र से उदारता की गुजारिश की थी। 

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