साध्वी पर उमर ने दिया चौंकाने वाला बयान
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भाजपा सांप्रदायिक के एजेंडे पर राजनीति करती रही है। रियासत में उसके मिशन 44प्लस को जनता करारा जवाब देगी। कश्मीर में आगामी मोदी की रैली में एक लाख की भीड़ जुटाने के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन हालात इसके विपरीत नजर आएंगे। इससे पहले एक रैली में उमर ने कहा कि 'मुझे नहीं लगता कि एक भी कश्मीरी खुद को हरामजादा तस्लीम करने के लिए तैयार होगा।'
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह केंद्रीय मंत्री की टिप्पणियों को लेकर चिंतित नहीं हैं लेकिन लोगों को यह पता चलना महत्वपूर्ण है कि भाजपा क्या है। ज्योति ने दो दिसंबर को दिल्ली में कथित रूप से सांप्रदायिक बयान देकर और अभद्र शब्दों का प्रयोग कर विवाद पैदा कर दिया था।
उमर ने कहा, 'यह है भाजपा जो मिशन 44 जम्मू कश्मीर में चाहती है, यह है भाजपा जो कश्मीर के लोगों को अपने साथ आने को कहती है। इस भाजपा से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।'
बीजेपी को रोकने का दम सिर्फ नेकां में
चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वे नहीं मानते कि अब राज्य का 1 भी मतदाता बीजेपी को वोट करने वाला है। उन्होने कहा कि राज्य में बीजेपी को रोकने का दम सिर्फ नेशनल कांफ्रेंस में है।
उमर ने आरोप लगाया कि बीजेपी को राज्य के मुद्दों से कोई लेना देना नहीं है वह केवल एक प्लान के तहत मिशन 44 के जरिए जम्मू-कश्मीर की सत्ता पर काबिज होना चाहती है।
उमर ने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस एकमात्र ऐसी ताकत है जो भाजपा को उसके विभाजनकारी एजेंडे को हासिल करने से रोक सकती है। यह संदेश है जो हम लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
'आठ दिसंबर को कश्मीर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुनावी रैली में एक लाख लोगों के शामिल होने संबंधी रिपोर्टो पर उमर ने कहा कि वह संख्या पर टिप्पणी नहीं कर सकते लेकिन उन्हें लगता है कि इतने लोग भाजपा को वोट नहीं देंगे।'