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Jammu News: किश्तवाड़ में भ्रामक और भड़काऊ खबरें फैलाने पर लगी पाबंदी
Thu, 05 Nov 2026 12:24 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Thu, 05 Nov 2026 12:24 AM IST
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
किश्तवाड़। जिला में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फर्जी, भ्रामक और भड़काऊ खबरें फैलाने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त पाबंदी लगा दी है।
जिला मजिस्ट्रेट पंकज कुमार शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू होकर आगामी दो महीने तक प्रभावी रहेगा।
एसएसपी किश्तवाड़ की रिपोर्ट के आधार पर यह कदम उठाया गया है, क्योंकि कुछ चैनलों द्वारा असत्यापित खबरों और एडिटेड वीडियो के जरिए समाज में तनाव व भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही थी।
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नए आदेश के तहत किसी भी तरह की सनसनीखेज सामग्री, मनगढ़ंत आरोप और भड़काऊ पोस्ट बनाने, अपलोड करने या शेयर करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सोशल मीडिया एडमिन और डिजिटल न्यूज पोर्टल्स को आईटी नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वैध पत्रकारिता, रचनात्मक आलोचना और व्यंग्य पर कोई प्रतिबंध नहीं है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और अन्य संबंधित कानूनों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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किश्तवाड़। जिला में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फर्जी, भ्रामक और भड़काऊ खबरें फैलाने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त पाबंदी लगा दी है।
जिला मजिस्ट्रेट पंकज कुमार शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू होकर आगामी दो महीने तक प्रभावी रहेगा।
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एसएसपी किश्तवाड़ की रिपोर्ट के आधार पर यह कदम उठाया गया है, क्योंकि कुछ चैनलों द्वारा असत्यापित खबरों और एडिटेड वीडियो के जरिए समाज में तनाव व भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही थी।
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नए आदेश के तहत किसी भी तरह की सनसनीखेज सामग्री, मनगढ़ंत आरोप और भड़काऊ पोस्ट बनाने, अपलोड करने या शेयर करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सोशल मीडिया एडमिन और डिजिटल न्यूज पोर्टल्स को आईटी नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वैध पत्रकारिता, रचनात्मक आलोचना और व्यंग्य पर कोई प्रतिबंध नहीं है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और अन्य संबंधित कानूनों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।