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प्रदेश में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं, लाभ उठाएं युवा
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पीएमएमएसवाई योजना पर वेयरहाउस में लगाए गए सेमीनार में उपस्थित लोग।
- फोटो : SHRINAGAR
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जम्मू। प्रदेश में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं। केंद्र और राज्य सरकार योजनाओं के माध्यम से मत्स्य पालन से जुड़े लोगों को लाभ पहुंचा रही है। बेरोजगार युवाओं को भी इन योजनाओं का लाभ लेना चाहिए। यह बात जम्मूतवी फिशरमैन को-ऑपरेटिव सोसायटी की ओर से वेयरहाउस में करवाए सेमीनार में नेशनल फिशरी डेवलपमेंट बोर्ड के गवर्निंग बाड़ी के सदस्य पीवी जनार्दन ने कही।
उन्होंने कहा कि योजनाओं के माध्यम से हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत भी हजारों लाभार्थियों को लाभ पहुंचाया जा चुका है। इससे हर प्रदेश में व्यवसाय को बढ़ाने के लिए बजट दिया गया है।
स्थानीय स्तर पर भी लोग मछली पकड़ने का काम कर रहे हैं और बाजारों में बेच रहे हैं। प्रदेश में पाई जाने वाली मछली प्रजाति रागड़ा और मधुबराड़ अन्य प्रदेशों में भी भेजी जाती है। इसकी डिमांड को पूरा करने पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा कुछ योजनाओं के माध्यम से मछुवारों का बीमा भी किया जा रहा है।
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जनार्दन ने कहा कि मत्स्य पालन से जुड़े लोग मत्स्य विभाग के सौजन्य से योजना का लाभ उठाएं। फिशर विभाग से मुख्य प्रोजेक्ट अधिकारी डॉ. मसूद ने बताया कि मत्स्य पालन से लोग आजीविका अर्जित कर रहे हैं। सोसायटी के अध्यक्ष राकेश कुमार ने कहा कि सेमिनार का मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालन के बारे में लोगों को जागरूक करना है। अब प्रदेश की मछली मंडियों में ज्यादा बिक रही है और बाहरी राज्यों को भेजी जा रही है।
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उन्होंने कहा कि योजनाओं के माध्यम से हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत भी हजारों लाभार्थियों को लाभ पहुंचाया जा चुका है। इससे हर प्रदेश में व्यवसाय को बढ़ाने के लिए बजट दिया गया है।
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स्थानीय स्तर पर भी लोग मछली पकड़ने का काम कर रहे हैं और बाजारों में बेच रहे हैं। प्रदेश में पाई जाने वाली मछली प्रजाति रागड़ा और मधुबराड़ अन्य प्रदेशों में भी भेजी जाती है। इसकी डिमांड को पूरा करने पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा कुछ योजनाओं के माध्यम से मछुवारों का बीमा भी किया जा रहा है।
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जनार्दन ने कहा कि मत्स्य पालन से जुड़े लोग मत्स्य विभाग के सौजन्य से योजना का लाभ उठाएं। फिशर विभाग से मुख्य प्रोजेक्ट अधिकारी डॉ. मसूद ने बताया कि मत्स्य पालन से लोग आजीविका अर्जित कर रहे हैं। सोसायटी के अध्यक्ष राकेश कुमार ने कहा कि सेमिनार का मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालन के बारे में लोगों को जागरूक करना है। अब प्रदेश की मछली मंडियों में ज्यादा बिक रही है और बाहरी राज्यों को भेजी जा रही है।