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राष्ट्र की अखंडता बनाए रखने का लिया संकल्प
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सांबा। डिग्री कॉलेज में संविधान दिवस को लेकर शुक्रवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें नागरिकों के मौलिक अधिकार और कर्तव्य विषय पर संगोष्ठी हुई। छात्रों और स्टाफ सदस्यों ने राष्ट्र की समानता, बंधुत्व, संप्रभुता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लिया।
इससे पहले डॉ. अशोक कुमार भगत ने छात्रों को राष्ट्रीय संविधान दिवस मनाने के महत्व और उद्देश्य के बारे में बताया। उन्होंने छात्रों को संबंधित गतिविधियों में भाग लेने की भी सलाह दी। डॉ. नरसिंह दास ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया और कार्यक्रम की विशेषताओं का परिचय दिया। कार्यक्रम में 120 एनएसएस स्वयंसेवकों, कॉलेज के एनसीसी कैडेट और स्टाफ ने भाग लिया। संगोष्ठी में 15 छात्रों ने भाग लिया और विषय पर विचार प्रस्तुत किए। शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राम सिंह सभी प्रतिभागियों की सराहना की। इस अवसर पर जूरी डॉ. मंजुला गुप्ता, डॉ. आशा देवी और प्रो. सुखविंदर कौर रहीं। दीवांशी संब्याल को प्रथम, साधना कुमारी व संजीव कुमार ने क्रमश: द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रमुख संकाय सदस्यों में डॉ. अरुण कुमार, संजीव जमवाल और दीपिका शामिल थीं। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।
विद्यार्थियों को बताई संविधान की उपयोगिता
विजयपुर। क्षेत्र के निजी स्कूलों में संविधान दिवस मनाया गया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को संविधान की उपयोगिता और उसकी प्रस्तावना के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि 26 नवंबर, 1949 को संविधान को अपनाया गया और यह 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। 2015 में केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्रालय ने नागरिकों के बीच संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया। भारत के पहले कानून मंत्री डॉ. भीमराव आंबेडकर को 1947 में संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। संवाद
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हर व्यक्ति को संविधान के बारे में जागरूक होना चाहिए
डिग्री कॉलेज में संविधान दिवस मनाया
आरएस पुरा। डिग्री कॉलेज में शुक्रवार को संविधान दिवस मनाया गया। इसका उद्देश्य संविधान के विषय में छात्रों को जागरूक करना रहा। कोरोना को ध्यान में रखते हुए सभी कार्यक्रम के दौरान कॉलेज एनसीसी, एनएसएस के वालंटियर के साथ सदस्यों और प्राचार्य समारोह शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना पढ़ते हुए संविधान के प्रति निष्ठा रखने का संकल्प लेकर किया गया। प्राचार्य प्रो. सुनील उप्पल मुख्य रूप से मौजूद रहे। प्रो. राकेश चौधरी ने संविधान दिवस पर परिचयात्मक व्याख्यान और इसके महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने संविधान रचियता भारत रत्न डा. भीमराव आंबेडकर के योगदान के बारे में जानकारी मुहैया कराई। उन्होंने कहा कि देश के हर व्यक्ति को संविधान के बारे में जागरूक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने अधिकारों के प्रति तो जागरूक हैं, लेकिन अपने कर्तव्य उन्हें याद नहीं हैं। इस दौरान कई विद्यार्थियों ने विचार रखे।
सांबा पुलिस ने किया शपथ ग्रहण समारोह
सांबा। भारत के संविधान को अपनाने के उपलक्ष्य में पुलिस ने संविधान दिवस मनाया। इसमें पुलिस मुख्यालय में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। सांबा और अन्य थानों व पुलिस चौकियों पर संविधान दिवस मनाया गया। पुलिस मुख्यालय में डीपीओ लॉन में एसएसपी राजेश शर्मा की देखरेख में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। अतिरिक्त एसपी एजाज अहमद जरगर सभी स्टाफ सदस्यों और अन्य पुलिस अधिकारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। संवाद
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इससे पहले डॉ. अशोक कुमार भगत ने छात्रों को राष्ट्रीय संविधान दिवस मनाने के महत्व और उद्देश्य के बारे में बताया। उन्होंने छात्रों को संबंधित गतिविधियों में भाग लेने की भी सलाह दी। डॉ. नरसिंह दास ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया और कार्यक्रम की विशेषताओं का परिचय दिया। कार्यक्रम में 120 एनएसएस स्वयंसेवकों, कॉलेज के एनसीसी कैडेट और स्टाफ ने भाग लिया। संगोष्ठी में 15 छात्रों ने भाग लिया और विषय पर विचार प्रस्तुत किए। शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राम सिंह सभी प्रतिभागियों की सराहना की। इस अवसर पर जूरी डॉ. मंजुला गुप्ता, डॉ. आशा देवी और प्रो. सुखविंदर कौर रहीं। दीवांशी संब्याल को प्रथम, साधना कुमारी व संजीव कुमार ने क्रमश: द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रमुख संकाय सदस्यों में डॉ. अरुण कुमार, संजीव जमवाल और दीपिका शामिल थीं। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।
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विद्यार्थियों को बताई संविधान की उपयोगिता
विजयपुर। क्षेत्र के निजी स्कूलों में संविधान दिवस मनाया गया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को संविधान की उपयोगिता और उसकी प्रस्तावना के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि 26 नवंबर, 1949 को संविधान को अपनाया गया और यह 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। 2015 में केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्रालय ने नागरिकों के बीच संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया। भारत के पहले कानून मंत्री डॉ. भीमराव आंबेडकर को 1947 में संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। संवाद
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हर व्यक्ति को संविधान के बारे में जागरूक होना चाहिए
डिग्री कॉलेज में संविधान दिवस मनाया
आरएस पुरा। डिग्री कॉलेज में शुक्रवार को संविधान दिवस मनाया गया। इसका उद्देश्य संविधान के विषय में छात्रों को जागरूक करना रहा। कोरोना को ध्यान में रखते हुए सभी कार्यक्रम के दौरान कॉलेज एनसीसी, एनएसएस के वालंटियर के साथ सदस्यों और प्राचार्य समारोह शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना पढ़ते हुए संविधान के प्रति निष्ठा रखने का संकल्प लेकर किया गया। प्राचार्य प्रो. सुनील उप्पल मुख्य रूप से मौजूद रहे। प्रो. राकेश चौधरी ने संविधान दिवस पर परिचयात्मक व्याख्यान और इसके महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने संविधान रचियता भारत रत्न डा. भीमराव आंबेडकर के योगदान के बारे में जानकारी मुहैया कराई। उन्होंने कहा कि देश के हर व्यक्ति को संविधान के बारे में जागरूक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने अधिकारों के प्रति तो जागरूक हैं, लेकिन अपने कर्तव्य उन्हें याद नहीं हैं। इस दौरान कई विद्यार्थियों ने विचार रखे।
सांबा पुलिस ने किया शपथ ग्रहण समारोह
सांबा। भारत के संविधान को अपनाने के उपलक्ष्य में पुलिस ने संविधान दिवस मनाया। इसमें पुलिस मुख्यालय में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। सांबा और अन्य थानों व पुलिस चौकियों पर संविधान दिवस मनाया गया। पुलिस मुख्यालय में डीपीओ लॉन में एसएसपी राजेश शर्मा की देखरेख में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। अतिरिक्त एसपी एजाज अहमद जरगर सभी स्टाफ सदस्यों और अन्य पुलिस अधिकारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। संवाद